भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) नए साल 2026 की पहली लॉन्चिंग के लिए तैयार है। पीएसएलवी-सी-62 मिशन 12 जनवरी को सुबह 10:17 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से उड़ान भरेगा। यह इसरो का भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी की 64वीं उड़ान होगी।
इसरो 15 दिसंबर-2025 को श्रीहरिकोटा से अपना सबसे भारी अमेरिकी कॉमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट 6.5 टन वजनी ब्लू-बर्ड-6 लॉन्च करेगा। यह लॉन्चिंग से भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
इसरो को बड़ी सफलता हाथ लगी है। चंद्रयान-2 लूनर आर्बिटर ने सूरज के कोरोनल मास इजेक्शन के चांद पर असर का पहली बार आब्जर्वेशन किया है। यह खोज आर्बिटर पर लगे साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स में से एक, चंद्रा के एटमॉस्फेरिक कंपोजिशन एक्सप्लोरर-2 का इस्तेमाल करके की गई।
आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में शाम 5:40 बजे निसार को जीएसएलवी-एस16 रॉकेट के जरिये लॉन्च किया जाएगा। यह पहला ऐसा मिशन है जिसमें पहली बार किसी जीएसएलवी रॉकेट के जरिये ऐसे उपग्रह को सन-सिंक्रोनस आर्बिट (सूर्य-स्थिर कक्ष) में स्थापित किया जाएगा।
इसरो और नासा के एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में गए शुभांशु शुक्ला अपने सभी साथियों के साथ आज रवाना होंगे। शुभांशु का स्पेसक्राफ्ट धरती के लिए उड़ान भरेगा। हालांकि, अंतरिक्ष को अलविदा कहने से पहले शुभांशु ने सभी क्रू मेंबरों के साथ फोटो सेशन में हिस्सा लिया है।

















