मध्य प्रदेश OBC 27% आरक्षण केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई, अगली तारीख नवंबर के पहले हफ्ते में। जानें हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश, 87:13 फॉर्मूला की स्थिति और कमलनाथ का सरकार पर आरोप।
मार्च 2020 में मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार गिरने को लेकर बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के इंटरव्यू ने सियासी माहौल गरमा दिया था। दिग्विजय सिंह ने सरकार गिरने की जिम्मेदारी ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच मतभेदों पर डाली थी। वहीं, कमलनाथ ने पलटवार करते हुए ट्वीट कर कहा था कि सिंधिया को लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं, इसलिए उन्होंने सरकार गिराने का कदम उठाया।
मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर कांग्रेस के भीतर कलह की गूंज सुनाई दे रही है। 2020 में सरकार गिरने को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बयानों पर भाजपा नेताओं ने तंज कसा है। दरअसल, दिग्विजय सिंह और कममलनाथ की बयानबाजी पर भाजपा सक्रिय हो गई है।
दिग्विजय से जब पूछा गया कि कहा जाता है कि आपकी वजह से कमलनाथ सरकार गिरी... इस पर उन्होंने कहा- ये प्रचारित किया गया कि मेरी और सिंधिया की लड़ाई की वजह से कांग्रेस सरकार गिर गई। लेकिन सच्चाई ये नहीं है। मैंने चेताया था कि ऐसी घटना हो सकती है।
मध्य प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड की CD को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और गोविंद सिंह के खिलाफ दायर जनहित याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने सबूतों के अभाव और अखबारों की खबरों को ठोस आधार न मानते हुए यह फैसला सुनाया। जानें क्या था पूरा मामला और कोर्ट का तर्क।

















