सतना में धान उपार्जन अंतिम चरण में है। पश्चिमी विक्षोभ से बारिश की संभावना, केंद्रों पर रखे लाखों टन धान की सुरक्षा चुनौती।
वेनेजुएला पर अमेरिका ने हमला किया। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना को लेकर पूरी दुनिया हैरान है। वहीं, अब भारतीय विदेश मंत्री ने भी इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है। विदेश मंत्री ने कहा-वेनेजुएला में जो कुछ हुआ भारत उससे काफी चिंतित है।
देश में सड़क हादसे लंबे समय से एक गंभीर सामाजिक समस्या बने हुए हैं। हर साल लाखों लोग हादसों का शिकार होते हैं। हजारों परिवार अपनों को खो देते हैं। इसी गंभीर मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक अहम बयान दिया, जिसमें उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए राहवीर योजना और सम्मान की जानकारी दी।
भारत से हर साल लाखों लोग अपनी नागरिकता छोड़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने संसद को बताया कि पिछले पांच सालों में 9 लाख से ज्यादा भारतीयों ने भारतीय नागरिकता त्याग दी है। 2022 से हर साल यह संख्या 2 लाख से ऊपर पहुंच गई है।
यह रिपोर्ट ब्राजील के बेलेम शहर में आयोजित कॉप 30 सम्मेलन में जारी की गई। इसमें कहा गया कि भारत में लगातार बढ़ती बाढ़, चक्रवात, सूखा और भीषण गर्मी जैसी घटनाएं जलवायु परिवर्तन के गंभीर असर को रेखांकित करती हैं।
सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई बीआर गवई ने आज एक अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा-जजों के किसी पार्टी के फेवर में आर्डर पास न करने की स्थिति में उसके खिलाफ गलत आरोप लगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। 23 नवंबर को रिटायर होने वाले सीजेआई गवई आज एन पेड्डी राजू केस में कोर्ट की अवमानना पर सुनवाई कर रहे थे।
दरअसल, हाल ही में आईआईटी दिल्ली और अन्य प्रमुख संस्थानों द्वारा किए गए एक शोध में यह खुलासा हुआ है कि गर्भावस्था के दौरान पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने से बच्चों के जन्म में समय से पहले पैदा होने और कम वजन के साथ जन्म लेने की संभावना बढ़ जाती है।
हमास और इजरायल के बीच जारी जंग अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति लाने का एक पीस प्लान का प्रस्ताव पेश किया है। डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पीस प्लान पर दुनिया भर की प्रतिक्रिया आने लगी है। अब पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्रंप के गाजा प्लान का खुलकर समर्थन किया है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस नेताओं में कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी में एकता कम, बिखराव ज्यादा दिखने लगा है। इससे पार्टी आलाकमान की चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस में सियासी घमासान के बीच अब पचमढ़ी की वादियों में नवयुक्त जिलाध्यक्षों को एकता, संगठन और राजनीति का पाठ पढ़ाया जाएगा।






















