इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा की कैश कांड केस में मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ लोकसभा में अध्यक्ष ने महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दावा किया जा रहा है कि प्रस्ताव पर 146 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के नेता शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट ने नकदी बरामदगी मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने कहा कि जस्टिस वर्मा का आचरण भरोसेमंद नहीं है, इसलिए उनकी याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता।
जस्टिस यशवंत वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि उनकी याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई हो। यह याचिका एक इन-हाउस जांच कमेटी की उस रिपोर्ट को रद करने के लिए दायर की गई है, जिसमें उन्हें नकदी कांड में गलत आचरण का दोषी ठहराया गया है।















