RSS प्रमुख मोहन भागवत ने IIMUN के कार्यक्रम में Gen-Z, शिक्षा बजट, महिलाओं की भागीदारी, LGBTQ और पड़ोसी देशों के संबंधों पर खुलकर अपने विचार रखे।
बेलगावी में आयोजित RSS की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक में राम मंदिर दान विवाद, संगठन विस्तार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और जनसांख्यिकीय असंतुलन जैसी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मोहन भागवत को उज्जैन से अयोध्या तक की अपनी पदयात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। राम मंदिर चंदे में अनियमितताओं के आरोपों और 'चंदा चोरों' के खिलाफ उनकी इस यात्रा की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
फिरोजाबाद में RSS प्रमुख मोहन भागवत की शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव की खबर। पत्थर सीधे उनके E-1 कोच की खिड़की पर लगा। मोहन भागवत सुरक्षित हैं, टूंडला जंक्शन पर सुरक्षा बढ़ाई गई और सर्च ऑपरेशन जारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वृंदावन में जीवनदीप आश्रम का उद्घाटन किया और संतों को सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन आमंत्रित किया। जानें भगवान कृष्ण और सांदीपनि आश्रम का संबंध
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में संघ के 100 साल पूरे होने पर बड़े संकेत दिए। जानें 75 साल की आयु में रिटायरमेंट और राष्ट्र निर्माण पर उनके विचार।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा-लव जिहाद जैसी घटनाओं को परिवार के भीतर संवाद मजबूत कर रोका जा सकता है। जब घर और परिवार में नियमित बातचीत होगी, तो ऐसी समस्याओं पर स्वत: अंकुश लगेगा। भोपाल के शिवनेरी भवन में आयोजित स्त्री शक्ति संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने ये बात कही।
सभी अपने मन से अलगाव और भेदभाव हटाएं। जो भी हिंदू हैं वो एक हैं। सभी मंदिर, जलस्त्रोत और श्मशान गृह सभी के लिए खुले रहें। किसी का मूल्यांकन उसकी जाति, संपत्ति या भाषा से न करें। सामाजिक समरसता हमारी मजबूती बने। हमें एक दूसरों के घर आना-जाना चाहिए। हमें संकटों पर चर्चा को विस्तार देने की बजाए उनके उपायों पर काम करना चाहिए।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। RSS को BJP से जोड़कर देखना बड़ी गलती है। संघ का उद्देश्य सज्जन नागरिकों का निर्माण और समाज को विश्वगुरु बनने के लिए तैयार करना है।
झगड़ा करना हमारे देश का स्वभाव ही नहीं है। मिल-जुलकर रहना और भाईचारे को बढ़ावा देना ही हमारी परंपरा रहा है। दुनिया के अन्य हिस्से संघर्षों से भरे हालात में बने। वहां जब एक राय बन जाती है तो उसके अलावा हर विचार को अस्वीकार कर दिया जाता है।






















