रीवा में भगवान जगन्नाथ का दिव्य महास्नान, विशेष श्रृंगार और महाआरती के बाद भव्य रथयात्रा निकाली गई। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती, पुष्पवर्षा और भोग अर्पित कर भगवान का स्वागत किया।
पुरी जगन्नाथ धाम की वार्षिक रथयात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए 'अनासर' काल में जाते हैं। जानिए इस दौरान क्या होता है, भगवान का उपचार कैसे किया जाता है और भक्तों के लिए क्या है परंपरा।














