सिंगरौली में 8.30 करोड़ से बनी 87 दुकानें वर्षों से बंद पड़ी हैं। नीलामी न होने से नगर निगम को राजस्व नुकसान हो रहा है और परियोजना खंडहर बनने की कगार पर पहुंच गई है।
सतना जंक्शन पर रेलवे को हर माह भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पार्किंग ठेका सरेंडर होने से 5.5 लाख और कोच रेस्टोरेंट बंद होने से 2 लाख रुपए का राजस्व घटा है। ठेकेदारों की अरुचि, बार-बार फेल हो रहे टेंडर और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था नदारद होने से स्टेशन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिना जमीन डायवर्सन के चल रहे मोबाइल टावरों से सरकार को हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है। सिर्फ सतना में 282 टावर कार्यरत हैं, लेकिन एक भी डायवर्सन नहीं कराया गया। राज्यभर में 32,000 से ज्यादा टावर बिना डायवर्सन संचालित हो सकते हैं। राजस्व और प्रशासनिक लापरवाही से उजागर हो रही एक बड़ी चूक।















