इस बार दीपावली 2025 पर शेयर बाजार के ट्रेडिंग शेड्यूल में बदलाव किया गया है, जिससे निवेशकों में कुछ भ्रम की स्थिति है। शास्त्रानुसार दीपावली (अमावस्या) 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी, और आश्चर्यजनक रूप से इस दिन शेयर बाजार में पूरे दिन सामान्य कारोबार जारी रहेगा।
साधु-संतों और गुरुजनों द्वारा दीपावली पर किया जाने वाला लक्ष्मी पूजन, सामान्य गृहस्थों की पूजा से भिन्न और अधिक आध्यात्मिक, साधनात्मक एवं प्रतीकात्मक होता है। उनकी पूजा का प्राथमिक उद्देश्य धन-संपत्ति की बजाय ज्ञान, आत्मिक शुद्धि और परमार्थ (जगत कल्याण) की प्राप्ति होता है।
दीपावली पर व्यापारियों के लिए लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह पूजा मुख्य रूप से धन की स्थिरता और व्यापार में निरंतर वृद्धि की कामना से व्यावसायिक प्रतिष्ठान (दुकान, ऑफिस या फैक्ट्री) पर की जाती है।
गृहस्थों के लिए दीपावली का पर्व विशेष रूप से देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश, देवी सरस्वती और कुबेर जी की आराधना का दिन होता है।
लक्ष्मी पूजन में स्थायी वास के लिए 15 से अधिक महत्वपूर्ण नियम, सामग्री और सावधानियाँ जानें। बैठी हुई मुद्रा, कमल का फूल, शुद्धता, दिशा (उत्तर/पूर्व), घी का दीपक और वर्जित कार्य (नशा/लोहा/उधार) की सम्पूर्ण जानकारी।

















