मंगलवार को शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन महाष्टमी के रूप में भक्तिमय माहौल में मनाया गया। आज मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की गई। साथ ही महाष्टमी पर कन्या पूजन का भी सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था। जहां नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक मानकर पूजा की गई।
शारदीय दुर्गा पूजा केवल आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि परंपरा और प्रतीकों की गहरी परतों से बुना हुआ सांस्कृतिक महाकाव्य है। निषिद्ध पल्लि की मिट्टी से मूर्ति गढ़ने की रीति से लेकर कोला बऊ की स्थापना और सामुदायिक पूजा की ऐतिहासिक जड़ों तक-यह पर्व हमें बताता है कि दिव्यता केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि समाज की हर परत और हर जीवंत संबंध में निवास करती है।
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ मध्यप्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी धामों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। देवी मंदिरों की मान्यताएं और कथाएं उन्हें अद्वितीय बनाती हैं। दरअसल, शक्ति की भक्ति का महापर्व शारदीय नवरात्रि आरंभ हो गए हैं।
सनातन धर्म में नवरात्रि का पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। साल में चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। देवी दुर्गा को समर्पित यह नौ दिवसीय उत्सव पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हो रही है। इस दौरान मां दुर्गा की कृपा के साथ-साथ ग्रहों के राजकुमार बुध देव का गोचर भी कुछ खास राशियों के लिए शुभ फल लेकर आ रहा है। यह लेख बताता है कि बुध का राशि परिवर्तन किन राशियों के लिए आर्थिक लाभ, करियर में तरक्की और भौतिक सुखों में वृद्धि लाएगा।

















