बांग्लादेश में नई सरकार के गठन से पहले BNP ने भारत के साथ शांति और शेख हसीना की वापसी पर अहम बयान दिया है। जानें तारिक रहमान की नई कूटनीति और भारत-बांग्लादेश रिश्तों का भविष्य
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले 13वें आम चुनाव में अवामी लीग की अनुपस्थिति के बीच BNP और जमात-ए-इस्लामी आमने-सामने हैं। जानें क्या है भारत-चीन एंगल और हिंदू वोटर्स की भूमिका।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना की भारत में मौजूदगी को 'निजी पसंद' बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि पुतिन की यात्रा से भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रभावित नहीं होगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के मानवाधिकारों के रिकॉर्ड पर उसे फटकारा और अरुणाचल को लेकर चीन को कड़ा संदेश दिया। साथ ही, शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध पर भी दी प्रतिक्रिया।
भारत की शरणागत बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने एक साक्षत्कार के दौरान विभिन्न पहलुओं पर बेबाकी से बात की और बांग्लादेश वापसी की शर्त भी बताई। साथ ही मो. यूनुस के कार्यकलापों पर जमकर खरी-खोटी भी सुनाई। शेख हसीना ने कहा-मेर बांग्लादेश लौटने की पहली शर्त सहभागी लोकतंत्र की बहाली है।
बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मुकदमे की सुनवाई पूरी कर ली है। अब 13 नवंबर को सजा का ऐलान किया जाएगा। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, शेख हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप हैं। इनमें कई लोगों के उत्पीड़न और जबरन गायब करने जैसी घटनाओं में शामिल होने का आरोप शामिल है।


















