दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर लोगों की सांसों पर बोझ बन गई है। तापमान में गिरावट, हवा की गति धीमी होने और लगातार बढ़ते प्रदूषण स्रोतों के कारण राजधानी दिन-ब-दिन धुंध की मोटी चादर में लिपटती जा रही है। इस बीच, कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्तर पर दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश में दिवाली की रौनक भले ही बरकरार रही हो, लेकिन पटाखों की चमक ने हवा को जहरीला बना दिया है। राज्य के प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक स्तर खतरनाक सीमा को छू गया है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो चला है। भोपाल और इंदौर जैसे महानगरों में प्रदूषण का कहर जारी है, जबकि अन्य जिलों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
दिल्ली-एनसीआर को दिवाली पर वायु प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए भले ही इस बार यहां सिर्फ ग्रीन पटाखों की बिक्री के दावे किए गए थे लेकिन ग्रीन पटाखों के नाम पर जो पटाखे बेचे और चलाए गए, उन्होंने खूब प्रदूषण किया। स्थिति यह रही कि राष्ट्रीय राजधानी में दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता पांच वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।
शिक्षा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क-2025 की घोषणा गुरुवार को कर दी गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक तौर पर रैंकिंग जारी की। इस साल भी ओवरआॅल कैटेगिरी में आईआईटी मद्रास दबदबा रहा। दरअसल, आईआईटी मद्रास ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 में बाजी मारी है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा में एक बार फिर बदलाव किया गया है। ये बदलाव केंद्र सर की ओर से किया गया है। इसके अनुसार अब दिल्ली की सीएम की सुरक्षा वापस दिल्ली पुलिस को सौंप दी जाएगी। केंद्र सरकार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को दी गई सीआरपीएफ की जेड श्रेणी सुरक्षा वापस ले ली है।

















