रीवा में आयोजित कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मातृ मृत्यु दर को 70 से नीचे लाने का लक्ष्य बताया। संस्थागत प्रसव, नियमित जांच और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया गया।
सतना जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में बड़ा भ्रष्टाचार उजागर। गर्भवती महिलाओं को 50 रुपए के बजट की जगह सिर्फ 20 रुपए का आहार दिया गया। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल, एजेंसी पर कार्यवाही की तैयारी।
सतना जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में गड़बड़ियां सामने आईं। सीएमएचओ ने औचक निरीक्षण में पाया कि गर्भवती महिलाओं का चेकअप बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ के हो रहा था और शासन की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा था। सिविल सर्जन व गायनी प्रभारी से चार बिंदुओं पर जवाब मांगा गया।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में सतना जिले की 138 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
















