अपनी बेबाक बोली के लिए सुर्खियां बटोरने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, अब गडकरी ने राजनीति से सन्यास की ओर इशारा करते हुए कहा- वे अब उतना काम नहीं कर सकते जितना पहले करते थे और अब नई पीढ़ी को जिम्मेदारियां सौंपने का समय आ गया है।
मप्र में जेन जी और जेन अल्फा का टाइम आ गया है या नहीं और राजनीतिक दल इस नई चुनौती से निपटने के लिए क्या कर रहे हैं, इसी पर स्टार समाचार की विशेष रिपोर्ट—
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली में बयान देते हुए कहा कि आज की नई पीढ़ी को आदेश देने के बजाय संवाद और तर्क के जरिए सही दिशा दिखानी चाहिए। जानिए उनके बयान की मुख्य बातें।
जिस तरह से सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में फैसले लिए जा रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि भाजपा पुराने स्थापित राजनीतिक घरानों से हटकर नए और युवा चेहरों को मौका दे रही है। स्टार समाचार की विशेष रिपोर्ट...।
















