संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। हाई-लेवल सेगमेंट में भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए भारतीय डिप्लोमैट अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने ने राज्यों द्वारा अपनाई जा रही फ्री सेवा संस्कृति की कड़ी आलोचना की। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि यह विकास में बाधा डालती है। केवल फ्रीबीज बांटने के बजाय पार्टियों को ऐसी योजनाएं बनानी चाहिए जो लोगों की जिंदगी बेहतर करें, जैसे बेरोजगारी दूर करने की योजनाएं। जब राज्य पहले से घाटे में चल रहे हैं, तो फिर भी मुफ्त योजनाएं क्यों दी जा रही हैं।
हरीश ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का सदन पाकिस्तान के लिए आतंकवाद को वैधता देने का मंच नहीं बन सकता है। भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और हमेशा रहेगा।















