जानिए देश के मानसून का हाल। जहाँ एक ओर राजस्थान, दिल्ली और एमपी में गर्मी बढ़ी है, वहीं पूर्वी भारत में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ओडिशा और असम के ताजा हालात यहाँ पढ़ें।
मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। देखें अपने जिले का हाल।
बारिश ने देश के कई हिस्सों में राहत के साथ ही भारी नुकसान पहुंचाया। सामान्य जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद में कई स्थानों में जलभराव, सड़कों में गड्ढे होने, पेड़ गिरने और अन्य तरह की घटनाएं सामने आई। मौसम विभाग ने दिल्ली समेत देश के 17 राज्यों में बारिश अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक 28 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। श्योपुर, गुना, सागर समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी। जानें अपने जिले का हाल।
भारतीय शेयर बाजार की ओपनिंग हफ्ते के पहले दिन ग्रीन रही। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भी तेजी देखी जा रही है। कई बड़े बैंकों के मजबूत नतीजों से निवेशकों का सेंटिमेंट सुधरा है। बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स उछलकर हाई लेवल पर कारोबार की शुरुआत की।
देशभर में मानसूनी बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र में लगातार बारिश से मुंबई-पुणे रेल रूट पर सोमवार सुबह करजात-लोनावला के भोर घाट सेक्शन में दो जगह भूस्खलन हो गया। तीनों रेलवे लाइनें प्रभावित हो गईं। 20 ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा।
देशभर में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। कुछ राज्यों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इधर, मुंबई में पिछले कई दिनों से जारी बारिश ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। शहर की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हैं। यातायात ठप हो चुका है। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
मध्य प्रदेश में मानसून की प्रगति धीमी होने के बावजूद 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी। जानें कब से शुरू होगा भारी बारिश का दौर और प्रदेश में मानसून की वर्तमान स्थिति।
राज्यसभा में एनडीए की बढ़ती ताकत और आगामी सत्र में संविधान संशोधन की संभावनाओं का विश्लेषण। जानें कैसे 141 सीटों के साथ एनडीए दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुँचा।






















