मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों, विधायक औ सांसदों को अपनी फाइल की प्रगति के लिए बाबू और अफसरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने मनमानी पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसमें सबके दायित्व को स्पष्ट किया गया है ताकि किसी भी स्तर पर कोई असमंजस की स्थिति ना रहे।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकार प्रशासनिक सर्जरी करने जा रही है। इस बार जिलों से लेकर मंत्रालय तक बदलाव किया जाएगा। वहीं फील्ड में नहीं जाने वाले अफसरों को लूपलाइन में डालने की भी तैयारी है। सीएम डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जो फील्ड में जाकर काम नहीं करेगा, वो जिलों नहीं मंत्रालय में बैठेगा।
मध्यप्रदेश में अफसरशाही हावी है। जनता तो दूर, जिम्मेदार अफसर कोर्ट के आदेश तक की अनदेखी पर उतारू हैं। लेकिन अब अदालत के आदेश की अनदेखी अफसरों पर भारी पड़ी। कोर्ट ने सजा को तीन सप्ताह के लिए स्थगित रखा है ताकि आदेश का पालन किया जा सके।
भारतीय सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत सेवा देने वाली महिला अधिकारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सेना में महिलाओं के खिलाफ होने वाले प्रणालीगत भेदभाव को स्वीकार करते हुए अपनी विशेष संवैधानिक शक्तियों (अनुच्छेद 142) का इस्तेमाल किया।
मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अफसरो ने वर्ष 2025 की अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा केंद्र सरकार को सौंप दिया है। हर साल की तरह इस बार भी अधिकारियों ने एक जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार अपनी संपत्तियों की जानकारी दी है। इसमें कृषि भूमि, आवासीय फ्लैट, भूखंड और व्यावसायिक संपत्तियों का विवरण शामिल है।
मध्यप्रदेश की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में अनुशासन लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के भोपाल से बाहर दौरे पर होने के बावजूद, सीएम के निर्देशों पर आज राजधानी के प्रमुख सरकारी कार्यालयों में छापामार कार्रवाई की गई।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। हाई-लेवल सेगमेंट में भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए भारतीय डिप्लोमैट अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अवि प्रसाद इन दिनों सुर्खियां बटोर रहे हैं। इसका कारण उनका तीसरा विवाह है। उनकी दोनों पूर्व पत्नी इस समय प्रदेश में ही कलेक्टर हैं। अब तीसरा विवाह मंत्रालय में कार्यरत आईएएस से किया है।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मामले में चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है। एसआईआर के काम में गड़बड़ी को लेकर सात अधकारियों को सस्पेंड कर दिया है। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13 सीसी के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया है।
देशभर में जनगणना के लिए प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। दो चरणों में होने वाली जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा। इसमें मकानों की गिनती की जाएगी। जनगणना का मुख्य एवं दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा जिसमें जनसंख्या की जानकारी ली जाएगी।






















