दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में यूनिफॉर्म अनवेल्ड द्वारा आयोजित एक संवादात्मक सत्र में सेना प्रमुख से पूछा गया कि अगर पिछले साल आपरेशन सिंदूर को जन्म देने वाली परिस्थितियां फिर से उत्पन्न होती हैं तो भारतीय सेना कैसे प्रतिक्रिया देगी।सवाल का जवाब देते हुए आर्मी चीफ ने कहा-पिछले साल आपरेशन सिंदूर जैसी स्थिति फिर बनी तो भारतीय सेना उसी तरह या उससे भी मजबूत जवाब देगी।
अमेरिका-ईरान के बीच भले ही संघर्षविराम लागू है, लेकिन कई मौकों पर ऐसी खबरें आती है, जिससे ये संघर्षविराम टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। अब अमेरिकी न्यूज चैनल की तरफ से दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने ईरान के विमानों को अपने एयरबेस पर छिपा कर उन्हें अमेरिकी हमलों से बचाया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए पाकिस्तान समर्थित शहजाद भट्टी मॉड्यूल के गुर्गों ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दिल्ली का एक बेहद ऐतिहासिक मंदिर और हरियाणा का सैन्य कैंप इन आतंकियों के निशाने पर था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, बलिदान और समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान सेना के जवानों ने जिस अद्वितीय सटीकता, बेहतरीन तालमेल और तीनों सेनाओं के बीच मजबूत समन्वय का प्रदर्शन किया, वह आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया मानक बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी के मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफाइल तस्वीर बदल दी है। नई प्रोफाइल पिक्चर को सैना के जवानों के शौर्य और आतंकवादी हमले में मारे गए पीड़ितों के प्रति सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच ईरान के एक नेता ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास की प्रदर्शनी में 2025 के पहलगाम हमले और मुंबई हमलों के पीड़ितों को याद किया गया। इस दौरान अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा और जैश जैसे आतंकी समूहों पर कार्रवाई की मांग की।
भारत सरकार आतंक पर एक और बड़ा प्रहार करने जा रही है। भारत और पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर (स्मार्ट फेंसिंग) एंटी-कट एंटी-रेस्ट कंटीली तारें तेजी से लगाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य सीमा पार से होने वाली देश विरोधी गतिविधियों पर रोकना है।
पाकिस्तान की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया है। दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच शांति को लेकर चल रही बातचीत बेनतीजा रही। यह 21 घंटे से ज्यादा समय तक चली। दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर पेंच फंस गया है।






















