बीमा कंपनियां शुरू में बड़े-बड़े और लुभावने आफर देकर ग्राहक बनाती हैं फिर अगर कोई हादसा हो जाए तो उपभोक्ता के परिजनों को क्लेम के लिए चक्कर लगवाती हैं। या फिर मुआवजा राशि देने से मुकर जाती हैं। इससे पीड़ित अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि राज्य सरकार ने शून्य प्रतिशत पर मिलने वाले कर्ज को चुकाने की अवधि को 365 दिन कर दिया है।
नीट पेपर लीक केस से दुनिया भर में हुई किरकिर और बच्चों की आत्महत्या के बाद सरकार सख्त कदम उठाने ला रही है। दरअसल, केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का फैसला किया है।















