अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों के बीच चल रही तनातनी में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। एक अमेरिकी संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको के पत्रकारों का व्हाइट हाउस प्रवेश तुरंत बहाल करे।
तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में मापुसा अदालत में आत्मसमर्पण किया। बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रेप के दोषी पूर्व पत्रकार तरुण तेजपाल को सरेंडर करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि उन्हें दो हफ्ते के अंदर ऐसा करना होगा। 63 साल के पूर्व पत्रकार ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है और दावा किया है कि वे पीड़ित हैं। गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और इस मामले में तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है।















