अपनी बेबाक बोली के लिए सुर्खियां बटोरने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, अब गडकरी ने राजनीति से सन्यास की ओर इशारा करते हुए कहा- वे अब उतना काम नहीं कर सकते जितना पहले करते थे और अब नई पीढ़ी को जिम्मेदारियां सौंपने का समय आ गया है।
मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक भोजशाला मामले में कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने की मांग को लेकर आज को सकल हिंदू समाज द्वारा आयोजित धार जिला बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीएसपी शशांक गुर्जर के नेतृत्व में 800 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
बिहार के मधेपुरा में सावन के चौथे सोमवार पर सिंहेश्वर धाम मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित होने से दर्जनभर श्रद्धालु घायल हो गए। करीब 15 मिनट तक रही अफरा-तफरी के बीच सभी घायलों को जन नायक कपूर्री ठाकुर मेडिकल कॉलेज मधेपुरा में भर्ती कराया गया। वहीं ग्रिल से टकराकर गिरने में एक श्रद्धालु का सिर फट गया है।
महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल में आज यानी सोमवार को तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में तड़के करीब 3:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई।
मप्र में जेन जी और जेन अल्फा का टाइम आ गया है या नहीं और राजनीतिक दल इस नई चुनौती से निपटने के लिए क्या कर रहे हैं, इसी पर स्टार समाचार की विशेष रिपोर्ट—
भारत के सबसे युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी का डेब्यू उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में वैभव ईस्ट जोन की ओर से पहली पारी में महज 8 रन बनाकर आउट हो गए।
23 अगस्त को चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग की याद में मनाए जा रहे तीसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसरो अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अंतरिक्ष क्षेत्र की भूमिका बेहद निर्णायक होगी।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत विद्यानगर स्थित दीपशिखा अस्पताल में दरमियानी रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित इमरजेंसी वार्ड में अचानक आग लग गई, जिससे देखते ही देखते धुआं चारों मंजिलों में फैल गया और अफरा-तफरी मच गई।
देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए आने वाले वर्षों में 100 मेड इन इंडिया अस्पताल बनाए जाएंगे। इन अस्पतालों की सबसे खास बात यह होगी कि इनमें जांच से लेकर इलाज तक में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनें और उपकरण पूरी तरह स्वदेशी होंगे।
मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलती एक और गंभीर घटना सामने आई है। छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात 2 बजे उस समय हड़कंप मच गया।






















