मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतना दौरे में उद्योग, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और संगठनात्मक मजबूती पर जोर देखने को मिला। 652 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात, एमएसएमई सेक्टर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की घोषणा और 650 बिस्तरीय अस्पताल भवन का भूमिपूजन इस दौरे की प्रमुख उपलब्धियां रहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमएसएमई विभाग के दो साल के कार्यों की समीक्षा की। पंजीकरण में 31% वृद्धि पर बधाई दी और ग्वालियर में ₹2 लाख करोड़ निवेश की इकाइयों के भूमिपूजन की तैयारी के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए तेजी से उभरता पसंदीदा राज्य है। उन्होंने तीन दिवसीय 'फेड एक्सपो-2025' का शुभारंभ किया। इस आयोजन से स्थानीय उद्योग, MSME और स्टार्टअप्स को अंतर्राष्ट्रीय मंच मिलेगा। 'भोपाल-स्मोलेन्स्क' को ट्विन सिटी बनाने की पहल, 1000 इनक्यूबेशन सेंटर और 10 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'इंडिया-यूके सीईओ फोरम' में CETA (व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता) को साझा प्रगति का रोडमैप बताया। घोषणा की कि ब्रिटेन के 9 विश्वविद्यालय भारत में कैंपस खोलेंगे और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार $56 अरब से दोगुना करने का लक्ष्य है।
एमएसएमई के क्षेत्र में मप्र ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग के मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया है कि मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम के पंजीयन में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। केंद्र सरकार के उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अब तक 20 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयां पंजीकृत हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जीएसटी काउंसिल की दरों में कटौती के फैसले का स्वागत किया है। जानें कि कैसे यह निर्णय देश के 90% से अधिक नागरिकों, एमएसएमई, किसानों और छात्रों को लाभ पहुंचाएगा।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में अमेरिकी टैरिफ पर भारत के रुख को स्पष्ट किया। जानें कैसे सरकार आयात शुल्क के प्रभावों का आकलन कर रही है और किसानों व उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा की कार्यकारिणी बैठक में डीएमई डॉ. अरुणा कुमार ऑनलाइन जुड़ीं और एजेंडों की अधिकता पर नाराजगी जताई। जिस एजेंडे ने पूर्व डीन व अधीक्षक की कुर्सी छीनी थी, उसे चर्चा से बाहर रखा गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रतलाम में 'एमपी राइज़ 2025' कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। इस आयोजन में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया, साथ ही ₹2400 करोड़ से ज़्यादा की सहायता राशि वितरित की गई। जानें मुख्य बातें।





















