हिंदी साहित्य के दिग्गज और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल का रायपुर एम्स में निधन हो गया। जानें उनके जीवन, प्रमुख उपन्यासों और साहित्यिक योगदान के बारे में।
भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय हिंदी अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साहित्य, शोध और तकनीक के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विद्वानों को सम्मानित किया। इस दौरान 'Be Indian, Buy Indian' अभियान की शुरुआत भी हुई। पढ़ें पूरी खबर।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि साहित्य समाज का आईना होता है। साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से संस्कृति, परंपरा, संवेदना और विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं। विंध्य की यह गौरवशाली परंपरा है कि यहां के साहित्यकारों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।















