उज्जैन में 18.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक न्यायाधीश अतिथि गृह का भूमिपूजन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया।

न्यायिक अधोसंरचना को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में नए न्यायाधीश अतिथि गृह का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। लगभग 18.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस आधुनिक अतिथि गृह का निर्माण कार्य क्षेत्र में न्यायिक सुविधाओं को अभूतपूर्व रूप से सुदृढ़ करेगा।
यह महत्वाकांक्षी अतिथि गृह लगभग 1.947 एकड़ भूमि के विशाल परिसर में तैयार किया जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन को जी+1 (भूतल एवं प्रथम तल) संरचना के रूप में डिज़ाइन किया गया है। इस अतिथि गृह के निर्माण से देश भर के विभिन्न न्यायालयों और न्यायिक संस्थानों से उज्जैन आने वाले न्यायाधीशों को उच्चकोटि की आवासीय और विश्राम सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
भूमिपूजन के इस भव्य और गरिमामयी समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर की एक सुंदर प्रतिकृति भेंट की। इसके साथ ही, जिला अभिभाषक संघ द्वारा कार्यक्रम में पधारे सभी सम्मानित न्यायाधीशों को भगवान श्री महाकालेश्वर का पवित्र छायाचित्र उपहार स्वरूप प्रदान किया गया।
इस महत्वपूर्ण शिलान्यास कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिकण, जिला न्यायालय के न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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