मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी। कच्चे तेल की कीमतें 2022 के बाद उच्चतम स्तर पर। पढ़ें अमेरिका-ईरान संघर्ष और वैश्विक प्रभाव की पूरी रिपोर्ट...

वाशिंगटन/तेहरान। स्टार समाचार वेब
मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में युद्ध के बादल और गहरे होते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान के बीच जुबानी जंग अब धमकियों और सैन्य चेतावनी तक पहुँच गई है। इस बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है, जहाँ कच्चे तेल की कीमतों ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज सोशल मीडिया पर एक बेहद आक्रामक तस्वीर साझा की है, जिसे ईरान के लिए सीधी चेतावनी माना जा रहा है। इस तस्वीर पर लिखा है कि "तूफान आने वाला है और जो आने वाला है उसे कोई रोक नहीं सकता"। एक अन्य पोस्ट में ट्रंप राइफल के साथ नजर आ रहे हैं, जिस पर लिखा है— "नो मोर मिस्टर नाइस गाइ" (मैं अब नरमी नहीं बरतूंगा)। इन पोस्ट्स ने वैश्विक कूटनीति में खलबली मचा दी है।
ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कड़ा रुख अपनाया है। 'नेशनल पर्शियन गल्फ डे' के अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी कभी कामयाब नहीं होगी और ईरानी बंदरगाहों को रोकने की हर कोशिश विफल होगी। पजशकियान ने चेतावनी दी कि इस तरह की नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और इससे वैश्विक शांति को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इसी बीच तेहरान की सड़कों पर सरकार के समर्थन में प्रदर्शन हुए, जहाँ लोग सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और मुजतबा खामेनेई की तस्वीरें लेकर उतरे।
युद्ध के बढ़ते खतरों ने तेल बाजार को हिलाकर रख दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमतें मार्च 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर 126.31 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गईं। हालांकि बाद में यह 123 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखा। तेल की कीमतों में इस उछाल से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जंग की भारी कीमत: अमेरिका ने खुलासा किया है कि पिछले 2 महीनों में वह ईरान के साथ इस संघर्ष पर 25 अरब डॉलर खर्च कर चुका है।
ईरान की UN में शिकायत: तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें अमेरिका पर ईरानी जहाज जब्त करने और 38 लाख बैरल तेल पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है।
लेबनान में मानवीय संकट: संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध और आर्थिक दबाव के कारण लेबनान में 12 लाख लोगों पर भुखमरी का खतरा मंडरा रहा है।
भारत की कूटनीतिक पहल: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात की और युद्धविराम व क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा की।
सैन्य चेतावनी: ट्रंप के "मिस्टर नाइस गाइ" वाले संदेश से स्पष्ट है कि अमेरिका अब सैन्य कार्रवाई की दिशा में सख्त रुख अपना सकता है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
अमेरिका-ईरान के बीच बीते दिन शांति समझौते की घोषणा की गई, लेकिन अब इसमें पेंच फंसता नजर आ रहा है। महीनों से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए ईरान ने जिस भारी भरकम फंड 300 अरब डॉलर की मांग की है, उसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया है।
अमेरिका-ईरान के 14-सूत्रीय समझौते का इस्राइल पर क्या असर पड़ा? लेबनान युद्धविराम से सैन्य स्वायत्तता तक, जानें नेतन्याहू के सामने खड़ी नई चुनौतियों का पूरा विश्लेषण।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण के तहत स्लोवाकिया पहुंचे। इस दौरान वह स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है। स्विट्जरलैंड में इस डील पर साइन होंगे। इसमें स्ट्रेट आफ होर्मुज को फिर से खोलने और व्यापार फिर से शुरू करने का एलान भी शामिल है। होर्मुज से शिपिंग फिर से शुरू होने या सामान्य होने से भारत को बड़ी राहत मिलेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि रविवार को ईरान के साथ शांति समझौता होगा और यूरेनियम नष्ट किया जाएगा। वहीं ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए होर्मुज स्ट्रेट पर नया टैक्स लगाने के संकेत दिए हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नीस शहर में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन किया। जानिए स्टार्टअप, AI, और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक को लेकर दोनों देशों के बीच क्या बातचीत हुई।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात कर खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
अमेरिकी प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा और निर्यात नियंत्रण के तहत AI कंपनी Anthropic के सबसे एडवांस्ड एआई प्रोग्राम्स तक विदेशी नागरिकों के एक्सेस पर रोक लगा दी है, जिसके बाद Fable 5 और Mythos 5 मॉडल्स बंद कर दिए गए हैं।
US Iran Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई नई परमाणु डील के लिए मान गए हैं। जानिए होर्मुज स्ट्रेट और खार्ग द्वीप विवाद पर क्या हैं पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स।
मेघालय सीमा पर BSF और BGB के बीच भारी तनाव देखने को मिला। अवैध रूप से घुसे 55 वर्षीय बांग्लादेशी हिंदू बुजुर्ग सती राजबंशी को BGB ने अपनाने से इंकार कर दिया, जिससे वह नो-मैन्स लैंड में फंसा रहा।