भारत चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के सत्यापन पर मचे घमासान के बीच बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। इससे नाम के लिए चल रहे राजनीतिक दलों में हड़कंप मच गया है। आयोग की इस कार्रवाई से मध्यप्रदेश के भी दो दर्जन राजनीतिक दलों की मान्यता समाप्त हो गई है।

भारत चुनाव आयोग ने यह राष्ट्रव्यापी अभियान जून 2025 में शुरू किया था।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
भारत चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के सत्यापन पर मचे घमासान के बीच बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। इससे नाम के लिए चल रहे राजनीतिक दलों में हड़कंप मच गया है। आयोग की इस कार्रवाई से मध्यप्रदेश के भी दो दर्जन राजनीतिक दलों की मान्यता समाप्त हो गई है। दरअसल, पिछले छह वर्षों में चुनाव न लड़ने सहित अन्य मानदंडों का उल्लंघन करने के कारण 474 और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटा दिया गया है। इस प्रक्रिया के पहले चरण में, निर्वाचन आयोग ने नौ अगस्त को 334 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को सूची से हटा दिया था। भारत चुनाव आयोग ने यह राष्ट्रव्यापी अभियान जून 2025 में शुरू किया था। आयोग के दूसरे चरण के अभियान के दौरान यूपी में सबसे ज्यादा 121 दल हटाए गए। महाराष्ट्र (44), तमिलनाडु (42), दिल्ली (40), पंजाब (21), मध्य प्रदेश (23), बिहार (15), राजस्थान (17) और आंध्र प्रदेश (17) जैसे राज्यों में भी बड़ी संख्या में दलों को सूची से बाहर किया गया। कुल मिलाकर दूसरे चरण में 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 474 दलों को हटाया गया।
आयोग के अनुसार, इसी क्रम में, दूसरे चरण में, निर्वाचन आयोग ने 18 सितंबर को 474 आरयूपीपी को सूची से हटा दिया। यह सूची निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित चुनावों में लगातार छह वर्षों तक भाग न लेने के आधार पर बनाई गई। इस प्रकार, पिछले दो महीनों में 808 आरयूपीपी को सूची से हटा दिया गया है।
गौरतलब है कि भारत में राजनीतिक दलों का पंजीकरण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29 ए के तहत किया जाता है। आयोग में पंजीकृत होने के बाद इन दलों को चुनाव चिह्न और टैक्स में छूट जैसी सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन नियमों के मुताबिक, कोई भी दल यदि लगातार छह साल तक चुनाव नहीं लड़ता है, तो उसे आयोग की सूची से बाहर कर दिया जाता है।
अब आयोग ने तीसरे चरण की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 359 दल शामिल हैं, जिन्होंने चुनाव तो लड़ा, लेकिन पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23, 2023-24) के वार्षिक आडिट खातों या चुनाव खर्च की रिपोर्ट जमा नहीं की। इन दलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और सुनवाई के बाद आयोग अंतिम फैसला लेगा।
आयोग ने दावा किया है कि जून 2025 से पहले देश में 6 राष्ट्रीय दल, 67 राज्य दल और 2,854 पंजीकृत दल थे। अब 808 दलों को हटाए जाने के बाद यह संख्या 2000 हो गई है। इसे आयोग का अब तक का सबसे बड़ा सफाई अभियान माना जा रहा है। आयोग ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाना है ताकि केवल सक्रिय राजनीतिक दल ही पंजीकरण के लाभ उठा सकें।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी सोमवार को निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का अटल बिहारी वाजपेई सुशासन संस्थान में दीप-प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पदाधिकारियों को उनके प्रशासनिक दायित्वों, वित्तीय प्रबंधन और शासन की नीतियों के प्रति मार्गदर्शन प्रदान करना था।
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्य भीषण गर्मी से तप रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र के कई जिलों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। यूपी का बांदा 46.7 के साथ और एमपी का राजगढ़ जिला 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा।
भोजशाला मामले में MP के पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले को अस्पष्ट बताते हुए कहा कि ASI को मंदिर के सबूत नहीं मिले। वहीं भोज उत्सव समिति ने दिग्विजय सरकार पर पूजा प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में नया मोड़। मायके वालों ने शव लेने से किया इनकार, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने किया प्रदर्शन।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के जंगीपुरा रोड स्थित मदरसा रोड पर देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और एसी रिपेयरिंग के सिलेंडरों में धमाके होने लगे। धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है।
मध्यप्रदेश के देवास जिले के पीपलरावा थाना क्षेत्र में बैराखेड़ी गांव के समीप प्याज से भरा एक मिनी ट्रक मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के ऊपर सो रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हो गए।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।
मध्यप्रदेश के रतलाम में आज भीषण टेन हादसा हो गया। राहत की बात यह है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। दरअसल, दिल्ली निजामुद्दीन की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में रविवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
दमोह (तेंदूखेड़ा) के आईईएस पब्लिक स्कूल में शिक्षिका की कथित मारपीट के शिकार 9 वर्षीय छात्र काव्य नामदेव की भोपाल एम्स में मौत। परिजनों ने शव के साथ एसपी ऑफिस घेरा, SIT करेगी जांच।