राजधानी भोपाल की आदमपुर कचरा खंती में बार-बार लगने वाली आग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई।

भोपाल: स्टार समाचार वेब
राजधानी भोपाल की आदमपुर कचरा खंती में बार-बार लगने वाली आग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। इसमें सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने अपनी 80 पन्नों की रिपोर्ट पेश कर दी है, जिसमें आदमपुर खंती की स्थिति को बेहद खराब बताया गया है।
पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष सी. पांडे, जिन्होंने इस मामले में याचिका दायर की थी, ने बताया कि CPCB की रिपोर्ट के मुताबिक खंती के आसपास के पानी में 100 गुना से ज़्यादा आयरन मिला है। यह पानी न सिर्फ पीने के लिए, बल्कि सब्जी उगाने और फसलों की सिंचाई के लिए भी खतरनाक है।
इस मामले की शुरुआत डॉ. पांडे की उस याचिका से हुई थी, जो उन्होंने मार्च 2023 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में दाखिल की थी। NGT ने इस पर सुनवाई करते हुए 31 जुलाई, 2023 को नगर निगम पर ₹1 करोड़ 80 लाख का जुर्माना लगाया था।
NGT के जुर्माने के खिलाफ नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर 16 मई, 2025 को सुनवाई हुई। इस सुनवाई में निगम ने जुर्माने की राशि माफ करने की अपील की थी। डॉ. पांडे के वकील ने कोर्ट में 22 अप्रैल को लगी भीषण आग की तस्वीरें पेश कीं और बताया कि निगम नियमों का पालन नहीं कर रहा है।
इसके बाद, 15 मई को एक अर्जेंट सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नगर निगम सॉलिड वेस्ट नियमों का पालन नहीं कर रहा है। अगर नियमों का पालन होता, तो कचरे का इतना बड़ा ढेर नहीं लगता और इतनी भीषण आग नहीं लगती। कोर्ट ने CPCB को छह हफ्तों में जाँच करके रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई पाँच दिन बाद होने की संभावना है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।