अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी- नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने अगले कुछ वर्षों में चांद पर एक स्थायी बेस स्थापित करने की योजना रखी है। बीते हफ्ते ही एजेंसी ने अगले एक दशक के चांद से जुड़े मिशन्स का रोड मैप सामने रखा था।
By: Arvind Mishra
Apr 02, 20269:51 AM
यूएस का मिशन चांद: फ्लोरिडा में ट्रेनिंग देने के बाद अंतरिक्ष में भेजा
वॉशिंगटन। स्टार समाचार वेब
अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी- नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने अगले कुछ वर्षों में चांद पर एक स्थायी बेस स्थापित करने की योजना रखी है। बीते हफ्ते ही एजेंसी ने अगले एक दशक के चांद से जुड़े मिशन्स का रोड मैप सामने रखा था। इसमें ही चांद पर बेस बनाने और इसके लिए कुछ आधारभूत ढांचों को लगाने की समय सीमा का भी खुलासा किया गया। नासा की तरफ से आर्टेमिस-2 मिशन लॉन्च किए जाने के बाद चार अंतरिक्ष यात्रियों वाले इस पहले चंद्र मिशन को लेकर कई सवाल मन में कौंध रहे हैं। दरअसल, करीब 54 साल बाद अमेरिका एक बार फिर चांद पर इंसान भेजने की रेस में शामिल हुआ है।
इन चार यात्रियों को भेजा
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी- नासा ने आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की तरफ पर भेजा है। नासा ने इन चार अंतरिक्ष यात्रियों को फ्लोरिडा में ट्रेनिंग देने के बाद अंतरिक्ष में भेजा है। इन यात्रियों में कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडाई जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।
नासा का आर्टेमिस-2 मिशन
नासा का आर्टेमिस-2 मिशन उनके आर्टेमिस कार्यक्रम की दूसरी निर्धारित उड़ान है और 1972 (अपोलो 17) के बाद चंद्रमा के करीब जाने वाला पहला मानव मिशन है। यह लगभग 10 दिन का मिशन है, जो स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) रॉकेट और ओरायन अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल करेगा।
कौन-कौन जा रहा चांद के करीब
नासा ने 3 अप्रैल 2023 को ही आर्टेमिस-2 मिशन के लिए चुने गए उड़ान दल यानी क्रू का एलान कर दिया था। इनमें तीन अंतरिक्षयात्री नासा के होंगे, जबकि एक एस्ट्रोनॉट कनाडाई स्पेस एजेंसी (सीएसए) से शामिल होगा। इन चारों अंतरिक्ष यात्रियों की अलग-अलग भूमिकाएं भी तय हैं।