भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा 2035 तक स्थापित किए जाने वाले स्वदेशी 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' (BAS) के पांच-मॉड्यूल कॉन्फ़िगरेशन, 2028 के पहले लॉन्च (BAS-01), माइक्रोग्रेविट रिसर्च और इसके भविष्य के मकसदों की विस्तृत जानकारी।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने शुक्रवार की आधी रात ठीक 2:55 बजे, जब पूरा देश गहरी नींद में था, तब आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिक बड़ी ऐतिहासिक चुनौती का सामना कर रहे थे।
23 अगस्त को चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग की याद में मनाए जा रहे तीसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसरो अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अंतरिक्ष क्षेत्र की भूमिका बेहद निर्णायक होगी।
पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध को 24 सितंबर तक बढ़ा दिया है। जानिए पहलगाम हमले के बाद से जारी इस हवाई विवाद और इसके प्रभाव के बारे में।
सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह यह पक्का करे कि जहां भी सड़क हो, वहां पैदल चलने वालों के लिए ठीक से तय, अतिक्रमण-मुक्त जगह हो। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि पैदल चलने वालों को भरोसा होना चाहिए कि यह जगह उनके लिए है और वे चलती गाड़ियों के किसी भी खतरे के बिना आजादी से चल सकते हैं।
नासा 2030 तक ISS को प्रशांत महासागर के पॉइंट निमो में गिराने की तैयारी में है। जानिए इस डीऑर्बिट प्लान की पूरी प्रक्रिया और पर्यावरणविदों द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों के बारे में।
लखनऊ के अलीगंज में एक बिल्डिंग में लगी भीषण आग। पहली मंजिल से कूदने से कई छात्र घायल। मौके पर दमकल की गाड़ियां मौजूद, राहत और बचाव कार्य जारी।
दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्पेसएक्स स्टारशिप V3 (Starship V3) का पहला टेस्ट लॉन्च सफलताओं और नाकामियों का मिला-जुला सफर रहा। इंजन फेल होने के बावजूद रॉकेट ने हिंद महासागर में सुरक्षित लैंडिंग की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी- नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने अगले कुछ वर्षों में चांद पर एक स्थायी बेस स्थापित करने की योजना रखी है। बीते हफ्ते ही एजेंसी ने अगले एक दशक के चांद से जुड़े मिशन्स का रोड मैप सामने रखा था।
भारतीय मूल की नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने तीन दशक के शानदार करियर के बाद सेवानिवृत्ति ले ली है। नासा ने घोषणा की कि उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर-2025 से प्रभावी हो गई है। सुनीता ने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए।






















