कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे से पहले कनाडा सरकार मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी तहव्वुर राणा हुसैन की नागरिकता रद्द करने जा रही है। राणा पर 2008 के मुंबई आतंकी हमले में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। 64 साल का राणा पाकिस्तान में जन्मा कनाडाई नागरिक है और 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिश करने वालों में से एक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी है।
By: Arvind Mishra
Feb 24, 202612:33 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे से पहले कनाडा सरकार मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी तहव्वुर राणा हुसैन की नागरिकता रद्द करने जा रही है। राणा पर 2008 के मुंबई आतंकी हमले में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। 64 साल का राणा पाकिस्तान में जन्मा कनाडाई नागरिक है और 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिश करने वालों में से एक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इमिग्रेशन अधिकारियों ने राणा को बताया है कि वे उसकी 2001 में मिली कैनेडियन नागरिकता छीनना चाहते हैं। वह 1997 में कनाडा आया था और बाद में उसे डेनमार्क के एक अखबार के स्टाफ पर हमला करने की साजिश रचने के लिए अमेरिका में दोषी ठहराया गया। 26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा को अप्रैल 2025 में अमेरिका से भारत लाया गया था। नई दिल्ली पहुंचते ही उसे नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया।
इसलिए रद्द की जाएगी नागरिकता
अपने फैसले में इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटिजनशिप कनाडा ने लिखा कि राणा की नागरिकता आतंकवाद के लिए नहीं, बल्कि इसलिए रद की जा रही है क्योंकि उसने अपने एप्लीकेशन फॉर्म में झूठ बोला था। वहीं एक रिपोर्ट में लिखा कि जब राणा ने 2000 में नागरिकता के लिए आवदेन किया तो उसने दावा किया कि वह पिछले चार सालों से ओटावा और टोरंटो में रह रहा है और देश से सिर्फ छह दिन बाहर रहा है। हालांकि, जांच में पता चला कि उसने असल में पूरा समय शिकागो में बिताया था, जहां उसकी कई प्रॉपर्टी और बिजनेस थे।
फेडरल कोर्ट को भेज रही सरकार
कनाडा सरकार ने कहा कि वह उनके मामले को फेडरल कोर्ट को भेज रही है। उसका इस बारे में आखिरी फैसला है कि नागरिकता गलत जानकारी या धोखाधड़ी या जानबूझकर जरूरी हालात छिपाकर हासिल की गई थी या नहीं। तहव्वुर राणा का प्रतिनिधित्व करने वाले टोरंटो के एक इमिग्रेशन वकील ने इस फैसले के खिलाफ अपील की है, यह तर्क देते हुए कि यह गलत था और उनके अधिकारों का उल्लंघन था।