केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने जनवरी माह की मासिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दवाओं की क्वालिटी को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जांच के दौरान कुल 240 दवाओं के सैंपल मानक से कम क्वालिटी वाले पाए गए हैं।
By: Arvind Mishra
Feb 21, 20269:39 AM
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने जनवरी माह की मासिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दवाओं की क्वालिटी को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जांच के दौरान कुल 240 दवाओं के सैंपल मानक से कम क्वालिटी वाले पाए गए हैं। इनमें से 68 दवाओं को केंद्रीय दवा प्रयोगशालाओं ने 172 दवाओं को राज्य दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं ने ठरद घोषित किया है। गौरतलब है कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन हर महीने दवाओं की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह रिपोर्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करता है। नियमों के अनुसार, किसी दवा को ठरद तब घोषित किया जाता है जब वह तय मानकों में से किसी एक या उससे अधिक मानकों पर खरी नहीं उतरती।
कंपनी की अन्य दवाएं सुरक्षित
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कमी केवल उसी विशिष्ट बैच तक सीमित होती है जिसकी जांच की गई है, और इससे बाजार में उपलब्ध उसी कंपनी की अन्य दवाओं या बैच पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता है।
नकली दवाएं बरामद
चिंताजनक बात यह है कि इस जांच में तीन नकली दवाएं भी पकड़ी गई हैं, जो दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से मिली हैं। ये दवाएं खतरनाक निर्माताओं द्वारा किसी अन्य स्थापित ब्रांड के नाम का दुरुपयोग कर बनाई गई थीं।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के अनुसार, इन मामलों की गहन जांच जारी है और दाषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग राज्य नियामकों के साथ मिलकर ऐसी खराब और नकली दवाओं को नियमित रूप से बाजार से हटाने का काम कर रहा है ताकि जन-सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।