अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में रसोई गैस की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है, जिसे रोकने के लिए सरकार ने बुकिंग के नियमों में फिर से बदलाव किया है।
By: Arvind Mishra
Mar 13, 20269:48 AM
भोपाल/नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में रसोई गैस की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है, जिसे रोकने के लिए सरकार ने बुकिंग के नियमों में फिर से बदलाव किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद बुक किया जा सकेगा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि यह फैसला सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने और बेवजह होने वाली पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए किया है। गांवों में औसतन एक परिवार सालभर में 5 सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है। ऐसे में जल्दी दोबारा बुकिंग की जरूरत नहीं पड़ती थी। हाल ही में देखा गया कि लोग अफवाहों की वजह से जरूरत न होने पर भी जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक करके स्टॉक कर रहे थे।
सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा था
मंत्रालय की ओर से बताया गया कि जो लोग पहले औसतन 55 दिनों में सिलेंडर बुक कराते थे, उन्होंने अचानक 15-15 दिनों के अंतर पर बुकिंग शुरू कर दी थी। इस तरह की एडवांस और जल्दबाजी में की जा रही बुकिंग से सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा था।
मध्य प्रदेश में आनलाइन बुकिंग ठप
इधर, मध्य प्रदेश में रसोई गैस सिलेंडर की आॅनलाइन बुकिंग ठप हो गई है। सर्वर डाउन होने से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में लोग सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है। गैस एजेंसियों में सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ लगी हुई है।
इंडक्शन की कीमतें दोगुनी
इधर, गैस की किल्लत के बीच इंडक्शन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। भोपाल में इसकी बिक्री 7 गुना तक बढ़ गई है। वहीं 50 हजार होटल-रेस्टॉरेंट में गैस खत्म होने के कगार पर है। होटल, रेस्टॉरेंट को 4 दिन से कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल के करीब 2 हजार होटल-रेस्टोरेंट को 4 दिन में एक भी सिलेंडर नहीं मिला।
छह दिन में तीन बार बदले नियम
छह मार्च को घरेलू एलपीजी बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन किया गया। इससे पहले बुकिंग को लेकर ऐसा कोई नियम नहीं था। नौ मार्च को अचानक डिमांड बढ़ने की वजह से तेल कंपनियों ने शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन किया। अब 12 मार्च को ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने का गैप 20 दिन बढ़ाकर 45 दिन किया गया, ताकि सिलेंडर की सप्लाई मैनेज की जा सके।
सरकार रोजाना 50 लाख सिलेंडर बांट रही
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, "हम अपनी जरूरत की लगभग 60% LPG बाहर से मंगवाते हैं और इसका करीब 90% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है। स्थिति थोड़ी मुश्किल है, लेकिन सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, हम हर दिन लगभग 50 लाख सिलेंडर डिलीवर करते हैं। डिस्ट्रीब्यूशन के स्तर पर फिलहाल कहीं भी किल्लत की कोई खबर नहीं है। लेकिन घबराहट की वजह से बुकिंग कई गुना बढ़ गई है।