बांग्लादेश की राजनीति में एक युग का पटाक्षेप हो गया। संघर्ष, सत्ता और साहस की प्रतीक रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी की अध्यक्ष खालिदा जिया का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। बीएनपी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी। पार्टी ने लिखा कि बांग्लादेश की अनुभवी नेता का कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने के बाद निधन हो गया।

बीएनपी की अध्यक्ष खालिदा जिया का 80 साल की उम्र में निधन हो गया।
ढाका। स्टार समाचार वेब
बांग्लादेश की राजनीति में एक युग का पटाक्षेप हो गया। संघर्ष, सत्ता और साहस की प्रतीक रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी की अध्यक्ष खालिदा जिया का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। बीएनपी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी। पार्टी ने लिखा कि बांग्लादेश की अनुभवी नेता का कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने के बाद निधन हो गया। पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, खालिदा जिया ने सुबह 6 बजे ढाका के एवरकेयर अस्पताल में अंतिम सांस ली। खालिदा जिया पिछले 36 दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं।
पार्टी ने की निधन की पुष्टि

राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहे बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया अब नहीं रहीं। ढाका के हॉस्पिटल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। वह 80 वर्ष की थीं। खालिदा जिया पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं। खालिदा जिया की अगुवाई वाली पार्टी बीएनपी ने उनके निधन की पुष्टि की है। बीएनपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि डॉक्टर्स ने कुछ ही समय पहले उन्हें मृत घोषित किया है।
लंदन ले जाने की थी तैयारी
बीएनपी की सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक 29-30 दिसंबर की रात पूर्व पीएम खालिदा की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। खालिदा की हालत बिगड़ते देख उपचार के लिए विदेश ले जाने की भी तैयारी थी। कतर से एक विशेष विमान भी ढाका पहुंच गया था। इस विमान को ढाका एयरपोर्ट पर स्टैंडबाई में रखा गया था। मेडिकल बोर्ड ने खालिदा जिया को ढाका के केयर हॉस्पिटल से लंदन के लिए उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी।
कई बीमारियों से जूझ रहीं थीं
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया कई बीमारियों से जूझ रही थीं। वह मधुमेह, गठिया, लीवर सिरोसिस के साथ ही हृदय रोग से पीड़ित थीं। 80 साल की खालिदा जिया आईसीयू में थीं, जहां हालत बिगड़ने पर पिछले कुछ दिनों से उनको वेंटिलेटर पर रखा गया था. बीती रात उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई।
एक दिन पहले ही किया था नामांकन
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद अंतरिम सरकार का गठन हुआ था और अब देश में नई सरकार चुनने के लिए चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों में खालिदा जिया भी उम्मीदवार थीं। खालिदा ने अपने निधन से कुछ ही घंटे पहले 29 दिसंबर को नामांकन दाखिल किया था। खालिदा जिया ने बोगरा-7 सीट के लिए नॉमिनेशन किया था।
बांग्लादेश की पहली महिला पीएम थीं
खालिदा जिया के नाम बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री होने का रिकॉर्ड भी है। वह साल 1991 में पहली बार प्रधानमंत्री बनीं और उसके बाद भी दो बार उन्होंने बांग्लादेश सरकार का नेतृत्व किया। बेनजीर भुट्टो के बाद खालिदा जिया दुनिया में ऐसी दूसरी महिला नेता हैं, जिन्होंने किसी मुस्लिम देश की प्रधानमंत्री का पद संभाला।


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