एमपीसी के फैसले के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 9.52 अंक गिरकर 74,350.49 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 17.15 अंक गिरकर 23,399.40 अंक पर आ गया।

ओपनिंग के दौरान सेंसेक्स व निफ्टी में अच्छी बढ़त
मीडिया और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
मुंबई। स्टार समाचार वेब
एमपीसी के फैसले के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 9.52 अंक गिरकर 74,350.49 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 17.15 अंक गिरकर 23,399.40 अंक पर आ गया। आंकड़ों के अनुसार, बीएसई सेंसेक्स 197.90 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की मजबूत छलांग के साथ 74,557.91 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी पीछे नहीं है और यह 51.41 अंक या 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,467.95 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया है।
एशियाई बाजारों में गिरावट
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 8299 | -362 | -3.96% |
| निक्केई (जापान) | 66384 | -809 | -1.61% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25060 | -193 | -0.78% |
अदाणी पोर्ट्स ने दिखाया दम
शुरुआती कारोबार में बाजार को ऊपर खींचने में कुछ प्रमुख लार्ज-कैप शेयरों का बड़ा योगदान रहा है। आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी देखी गई। विशेष रूप से दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में 2-2 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की गई है, जिसने सूचकांकों को मजबूत समर्थन दिया है।
अमेरिकी बाजारों में कल तेजी रही
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 51562 | 875 | 1.73% |
| नैस्डैक | 26831 | -23 | -0.09% |
| S&P 500 | 7584 | 31 | 0.41% |
निवेशकों की सतर्क चाल
बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि भारतीय शेयर बाजार निकट भविष्य में एक सीमित दायरे में ही कारोबार करेगा। इसका प्रमुख कारण यह है कि निवेशक इस समय घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के कारकों को ध्यान में रखते हुए बेहद सावधानी के साथ अपनी रणनीति बना रहे हैं।

एमपीसी के फैसले के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 9.52 अंक गिरकर 74,350.49 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 17.15 अंक गिरकर 23,399.40 अंक पर आ गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर तीन दिनों तक चले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक यानी एमपीसी के फैसलों का एलान कर रहे हैं। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण महंगाई और आर्थिक विकास पर मंडराते जोखिमों के बीच पूरे बाजार की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाता है।
भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से द्विपक्षीय व्यापार समझौते और सेक्शन 301 टैरिफ उपायों को लेकर गहन चर्चा चल रही है। जानिए 7 जुलाई को होने वाले अंतिम फैसले और वाणिज्य मंत्रालय के इस कदम के मायने।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज बेंचमार्क सूचकांकों की शुरुआत निराशाजनक रही। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में चार फीसदी तक की तेज कमी दर्ज हुई। इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
दुनिया के टॉप अरबपतियों की सूची में बड़ा उलटफेर हो गया है। जहां एलन मस्क से लेकर मार्क जुकरबर्ग और जेफ बेजोस को बड़ी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर 81 साल के अरबपति लैरी एलिसन ने जोरदार कमाई की है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोरी का माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। कई दिग्गज शेयरों में गिरावट से बाजार का माहौल कमजोर बना रहा।
आज यानी जून महीने के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की है। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र की मजबूती और एशियाई बाजारों में तेजी का सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
आज यानी 1 जून-2026 से केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कुछ में तो राहत दी है, लेकिन कुछ जगह जनता को अपनी जेब ढीली करनी पडेगी। कॉमर्शियल सिलेंडर सोमवार से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है। 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए का इजाफा किया गया है।
घरेलू रसोई गैस के इस्तेमाल और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और सख्त विधिक फैसला लिया है। सरकार ने गैस कंट्रोल आर्डर में बड़ा संशोधन करते हुए साफ कर दिया है कि अब देश के किसी भी एक घर में केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध माना जाएगा।
केंद्र सरकार ने किसानों और राज्यों के विरोध के बाद गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 के मसौदे को वापस ले लिया है। खांडसारी और एथनॉल नियमों की समीक्षा अब नए सिरे से होगी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

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