सावन और रक्षाबंधन के त्योहारों से ठीक पहले आम आदमी के लिए मिठास महंगी हो गई है। इंदौर के फुटकर बाजार में इतिहास में पहली बार शक्कर के दाम 50 रुपए प्रति किलो के स्तर को पार कर गए हैं। देश में महंगाई दर मापने वाले थोक मूल्य सूचकांक में शक्कर की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से अधिक होती है।

थोक बाजार में शक्कर के दाम में 450 रुपए क्विंटल तक का उछाल
महीने की शुरुआत में 40 रुपए बिकने वाली शक्कर अब 52 पर पहुंची
सावन और रक्षाबंधन से पहले दामों में तेजी से आम आदमी की जेब कटी
जुलाई महीने के लिए भारत सरकार ने घटा दिया शक्कर का बाजार कोटा
इंदौर। स्टार समाचार वेब
सावन और रक्षाबंधन के त्योहारों से ठीक पहले आम आदमी के लिए मिठास महंगी हो गई है। इंदौर के फुटकर बाजार में इतिहास में पहली बार शक्कर के दाम 50 रुपए प्रति किलो के स्तर को पार कर गए हैं। सरकार के कड़े नियंत्रण वाली इस कमोडिटी के दामों में अचानक आई इस तेजी ने महंगाई भड़कने के संकेत दे दिए हैं। दरअसल, इस महीने की शुरुआत तक जो शक्कर 40 से 44 रुपए प्रति किलो बिक रही थी, वह अब 50 से 52 रुपए प्रति किलो के भाव पर बेची जा रही है। वहीं, इंदौर के थोक बाजार में शक्कर के दाम 4880 रुपए प्रति क्विंटल तक जा पहुंच गए हैं। रिटेल कारोबारी बताते हैं कि थोक बाजार में आई अचानक तेजी के कारण फुटकर दुकानों पर भी दाम बढ़े हैं। इसका सीधा असर ग्राहकी पर दिख रहा है। आम उपभोक्ता अब अपनी जरूरत से कम मात्रा में शक्कर खरीद रहा है।
महंगाई दर भड़कने के आसार
देश में महंगाई दर मापने वाले थोक मूल्य सूचकांक में शक्कर की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से अधिक होती है। ऐसे में शक्कर का महंगा होना कुल महंगाई दर को भी बढ़ाएगा। सावन और रक्षाबंधन के साथ ही त्योहारों का दौर शुरू होने वाला है, जिसमें शक्कर की खपत बढ़ जाती है, जिससे इसके दामों को और पंख लग सकते हैं।
दाम बढ़ने के पीछे तीन मुख्य कारण
सरकारी कोटे में कटौती: केंद्र सरकार हर महीने मिलों से खुले बाजार में बिकने वाली शक्कर का कोटा तय करती है। जून में यह कोटा 22.5 लाख टन था, जिसे जुलाई के लिए घटाकर 22 लाख टन कर दिया गया।
मानसून की बेरुखी: गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में बारिश कम होने से आगामी वर्ष में उत्पादन घटने की आशंका बन गई है। इस वजह से शक्कर मिलें भी अपना स्टॉक ऊंचे भाव पर बेच रही हैं।
निर्यात का प्रभाव: इस साल देश में शकर का उत्पादन 28 मिलियन टन होने का अनुमान है। लेकिन बीते दिनों सरकार ने 15 लाख टन शक्कर निर्यात की अनुमति दी थी, जिसकी आधी खेप विदेश भेजी जा चुकी है। इससे घरेलू बाजार में सप्लाई पर असर पड़ा है।
अर्थव्यवस्था पर असर: देश की महंगाई दर में शक्कर की हिस्सेदारी 1 फीसदी से ज्यादा है। त्योहारों में बढ़ती मांग और घटती सप्लाई के कारण माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में महंगाई की यह आग और भड़केगी।

सावन और रक्षाबंधन के त्योहारों से ठीक पहले आम आदमी के लिए मिठास महंगी हो गई है। इंदौर के फुटकर बाजार में इतिहास में पहली बार शक्कर के दाम 50 रुपए प्रति किलो के स्तर को पार कर गए हैं। देश में महंगाई दर मापने वाले थोक मूल्य सूचकांक में शक्कर की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से अधिक होती है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने रिलायंस जियो और 4,500 कंपनियों पर लगे प्रतिस्पर्धा-विरोधी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। साक्ष्यों के अभाव में आयोग ने इसे एक बड़ा राहत भरा फैसला माना है।
एशियाई बाजारों में हाहाकार और कच्चे तेल के 85 डॉलर के पार जाने के बावजूद आज भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। एशियाई बाजार के शुरुआती कारोबार में चिपमेकर कंपनियों के शेयर लगातार बेचे जाने से दबाव में रहे।
भारतीय शेयर बाजार आज भी हरे निशान पर खुला और वह भी तब जब एशियाई बाजारों में आज चौतरफा भारी बिकवाली का माहौल है। कच्चे तेल की भी कीमतें और बढ़ी हैं। एशियन मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो गया है। वहीं भारतीय शेयर बाजार ने अपनी अद्भुत मजबूती का प्रदर्शन किया है।
आज अमेरिकी मुद्रास्फीति में अप्रत्याशित नरमी के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। बैंक और वित्तीय शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। अधिकांश क्षेत्रीय सूचकांकों ने सकारात्मक रुझान दिखाया।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए इस पर लगे निजी हितों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में 100 फीसदी पेट्रोल का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी होगी।
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर मार्केट पर काफी असर पड़ा है। सेंसेक्स टूटकर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ निचले स्तर पर आ गया।
13 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट। जानें क्या हैं दाम, गिरावट के मुख्य कारण और एक्सपर्ट्स की निवेश को लेकर दी गई सलाह।
ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले के बाद शेयर बाजार में एक बार फिर हाहाकार मच गया है। निफ्टी और सेंसेक्स गिरावट के साथ खुले हैं। ईरान ने स्ट्रेट आफ होर्मुज को बंद कर दिया है, जिससे कच्चे तेल के दाम में फिर उछाल आ गया है। कच्चे तेल में तेजी से शेयरों में गिरावट आ गई है जबकि ओएनजीसी के स्टॉक उछल गए हैं।
आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शानदार रही। सेंसेक्स और निफ्टी तेजी के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार में रौनक लौटती हुई नजर आई। वहीं, चुनिंदा एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में सीमित कारोबार देखने को मिला।

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