रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आरोप लगाया कि यूरोपीय देश अमेरिका-नेतृत्व वाली शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप शांति एजेंडा पर नहीं, बल्कि युद्ध के पक्ष में खड़ा है और शांति प्रस्तावों में ऐसे बदलाव कर रहा है जो रूस स्वीकार नहीं कर सकता।

मॉस्को । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए चल रही अंतरराष्ट्रीय कोशिशों पर कड़ा बयान देते हुए कहा है कि यूरोपीय देश शांति की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को जानबूझकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। पुतिन ने आरोप लगाया कि यूरोप, अमेरिका के नेतृत्व में चल रही शांति प्रक्रिया में अवरोध पैदा कर रहा है और युद्ध खत्म करने की दिशा में कोई सकारात्मक मंशा नहीं दिखा रहा।
मॉस्को में आयोजित एक निवेश मंच में संबोधन के बाद पुतिन ने यह बयान दिया, जिसके तुरंत बाद उनकी मुलाकात अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर से होनी थी। पुतिन ने साफ कहा कि यूरोपीय देशों ने हाल के हफ्तों में गति पकड़ रहे अमेरिका-नेतृत्व वाले शांति प्रस्तावों में ऐसे बदलाव किए हैं, जिन्हें रूस किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं कर सकता।
यूरोप की मंशा शांति नहीं- पुतिन
पुतिन ने आरोप लगाया कि यूरोपीय देश शांति एजेंडा नहीं चाहते, बल्कि वे ह्लयुद्ध की तरफ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप लगातार ऐसे प्रस्ताव आगे बढ़ा रहा है जो रूस के हितों के खिलाफ हैं और असल उद्देश्य वार्ता को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि उसे अवरुद्ध करना है। पुतिन के अनुसार, यूरोप का कदम रूस को दोषी दिखाने की रणनीति का हिस्सा है, जबकि वास्तविक रूप से प्रक्रिया को रोकने वाला वही है।
शांति प्रक्रिया रोकी जा रही- पुतिन
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोप ने शांति प्रस्तावों में ऐसे संशोधन जोड़ दिए जो रूस के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। उन्होंने बताया कि इन बदलावों की वजह से शांति प्रयास एक तरह से ठहर गए। पुतिन ने दावा किया कि यूरोप जानबूझकर प्रक्रिया में रुकावट डालता है और फिर रूस पर आरोप लगाकर दुनिया को भ्रमित करने की कोशिश करता है।
ट्रंप प्रशासन के साथ रूस की बातचीत
ट्रंप के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद अमेरिका और रूस के बीच शांति वार्ता की रफ्तार तेज हुई है। वॉशिंगटन ने पिछले महीनों में युद्ध खत्म करने के लिए नई पहल शुरू की है। पुतिन का कहना है कि यूरोप इन्हीं कोशिशों में बाधा बन रहा है। रूस ने बार-बार कहा है कि वार्ता तभी आगे बढ़ेगी जब प्रस्ताव निष्पक्ष हों और किसी भी पक्ष पर एकतरफा दबाव न बनाया जाए।
रूस की रणनीति
पुतिन के बयान से यह स्पष्ट होता है कि रूस अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूरोप को शांति प्रक्रिया में सबसे बड़ी रुकावट के रूप में पेश कर रहा है। रूस पहले भी कह चुका है कि यूरोपीय समर्थन की वजह से यूक्रेन युद्ध लंबा खिंच रहा है। पुतिन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दुनिया रूस-अमेरिका वार्ता में किसी बड़ी प्रगति की उम्मीद कर रही थी। अब यह देखना होगा कि यूरोप इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या शांति प्रयासों में कोई नई बाधा खड़ी होती है।
चीन पर क्या बोला रूस
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि हमारा मकसद पीपल्स रिपब्लिक आॅफ चीन और रिपब्लिक आॅफ इंडिया के साथ सहयोग को एक नए लेवल पर ले जाना है, इसके लिए इसके टेक्नोलॉजिकल हिस्से को मजबूत करना है। एनर्जी, इंडस्ट्री, स्पेस, एग्रीकल्चर और दूसरे सेक्टर में कई जॉइंट प्रोजेक्ट्स का यही मकसद है। हमने जिनपिंग के साथ इकोनॉमिक मामलों पर एक अच्छी बातचीत शुरू की है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आने वाले भारत दौरे पर भी इन टॉपिक्स पर डिटेल में बात करेंगे, जिसमें हमारे मार्केट में इंडियन सामान का इम्पोर्ट बढ़ाना भी शामिल है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अबू धाबी स्थित 'बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट' (Barakah Nuclear Power Plant) के बाहरी हिस्से में एक ड्रोन हमले के बाद आग लग गई।
ईरान संकट के बीच 20 हजार टन LPG लेकर मार्शल आइलैंड्स का टैंकर 'सिमी' सुरक्षित गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा। जानिए होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और मिडिल ईस्ट जंग से जुड़े 5 बड़े अपडेट्स।
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया चीन दौरे के बाद एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। सोशल मीडिया और कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने चीन से मिले सभी गिफ्ट, बैज, फोन और दूसरे सामान ट्रंप के विमान एयर फोर्स वन में चढ़ने से पहले डस्टबिन में फेंक दिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन दौरे से लौटने के बाद बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मानते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट खुला रहना जरूरी है। तीन दिवसीय चीन यात्रा के बाद एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शी जिनपिंग के साथ ईरान, ताइवान और पश्चिम एशिया की स्थिति पर लंबी चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अबू धाबी यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच रक्षा, ऊर्जा और सुपरकंप्यूटर सहित 7 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
जापान के उत्तरी हिस्से में शुक्रवार को 6.3 तीव्रता का तेज भूकंप आया। मियागी प्रांत के पास आए इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे के बाद वैश्विक राजनीति गरमा गई है। अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खुद चीन जाकर शी जिनपिंग से इस महामुलाकात का सच जानेंगे। जानिए क्रेमलिन ने क्या कहा।
ओमान के पास गुजरात का मालवाहक जहाज MSV हाजी अली संदिग्ध हमले के बाद डूब गया। 14 क्रू मेंबर्स सुरक्षित। हफ्ते भर में गुजरात के दूसरे जहाज पर हमला।
युद्ध केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आर्थिक (ईंधन संकट), सामरिक (अमेरिकी इनाम) और राजनयिक (सऊदी-ईरान तल्खी) परिणाम वैश्विक स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं।
अमेरिका ने ईरान की IRGC के वित्तीय नेटवर्क और अवैध तेल कारोबार को निशाना बनाते हुए 1.5 करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की है। जानें ट्रंप प्रशासन की नई 'आर्थिक प्रहार' नीति के बारे में।