आज हर सांसद-विधायक और मंत्री अपने बच्चों को निजी और विदेश के स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं। सरकार स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता पर सब को संदेह बना रहता है। वहीं, इस मिथक को तोड़ते हुए मध्यप्रदेश के शहडोल से भाजपा सांसद ने हाल ही में अपनी बिटिया का दाखिला गांव के सरकारी स्कूल में कराया है।


हाइलाइट्स
भोपाल। स्टार समाचार वेब
आज हर सांसद-विधायक और मंत्री अपने बच्चों को निजी और विदेश के स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं। सरकार स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता पर सब को संदेह बना रहता है। वहीं, इस मिथक को तोड़ते हुए मध्यप्रदेश के शहडोल से भाजपा सांसद ने हाल ही में अपनी बिटिया का दाखिला गांव के सरकारी स्कूल में कराया है। सांसद की इस पहल की चारों तरफ सराहना हो रही है। दरअसल, मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह की तारीफ में जमकर कसीदे गढ़े हैं। भाजपा सांसद हिमाद्री अपनी बेटी का सरकारी स्कूल में एडमिशन करवाकर चर्चा में आई हैं। इस वजह से सड़क से संसद तक उनकी सराहना हो रही है। उमा भारती का कहना है कि शहडोल की सांसद का अपनी बच्ची को सरकारी स्कूल में पढ़ाना एक आदर्श उदाहरण है। हिमाद्री का इस आदर्श पहल के लिए अभिनंदन करती हूं और शासन-प्रशासन में उच्च स्थानों में बैठे हुए सभी नवदंपतियों से कहूंगी कि वह भी अपने बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा से ही इस तरह की पहल करें।
उमा भारती ने उत्तराखंड के एक आईएएस अफसर का भी जिक्र करते हुए कहा कि अपने अच्छे कार्यों के लिए प्रशंसा प्राप्त कर चुके चमोली जिला कलेक्टर स्वाति भदौरिया ने अपने बेटे को सरकारी स्कूल में ही पढ़ाना शुरू किया था और उनकी उच्च शिक्षा प्राप्त पत्नी ने भी एक सरकारी स्कूल में एक शिक्षक के अभाव होने पर स्वयं पढ़ाना प्रारंभ किया था। उस आदर्श दंपती की मैंने अनुमति नहीं ली है इसलिए मैं उनके नाम का उल्लेख नहीं कर रही हूं। ऐसे प्रयासों से सरकारी शिक्षण संस्थानों में अपने आप सुधार शुरू हो जाएगा।
सांसद हिमाद्री सिंह की बेटी गिरीश नंदिनी सिंह राजेंद्रग्राम की शासकीय प्राथमिक कन्या शाला में शिक्षा ग्रहण करेंगी। सांसद हिमाद्री सिंह के पिता दिवंगत दलबीर सिंह केंद्र की राजीव गांधी सरकार में वित्त राज्य मंत्री थे। दलबीर सिंह कई साल तक शहडोल का संसद में प्रतिनिधित्व करते रहे। हिमाद्री का परिवार कांग्रेसी था। उनके पिता दलवीर सिंह कांग्रेस से सांसद रहते हुए केंद्र की सरकार सरकार में दो बार मंत्री रहे। हिमाद्री की मां राजेश नंदिनी भी कांग्रेस से सांसद रही हैं।
खुद हिमाद्री सिंह का जन्म राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुआ और उनकी पूरी पढ़ाई दिल्ली स्कूल और यूपी के कॉलेजों में हुई है। सांसद बनने से पहले वे दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थीं। अब सांसद के इस कदम से केवल आम जनता के मन में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ा है, बल्कि उस पुराने और प्रासंगिक सुझाव को भी बल दिया है जिसमें कहा गया था कि जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी सबसे पहले अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं।


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