बीते रविवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी और 24 घंटे के भीतर ही अपनी इस अपील को दोहराया भी था। अब सरकार ने गोल्ड को लेकर एक बड़ा फैसला ले लिया है।

आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है।
सरकार ने सोना-चांदी के गैरजरूरी आयात पर नकेल
विदेशी मुद्रा बचाने के लिए उठाया महत्वपूर्ण कदम
सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी 6 से बढ़ाकर 15 फीसदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था-सोना न खरीदें
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
बीते रविवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी और 24 घंटे के भीतर ही अपनी इस अपील को दोहराया भी था। अब सरकार ने गोल्ड को लेकर एक बड़ा फैसला ले लिया है और इस पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी में तगड़ा इजाफा कर दिया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। बुधवार को जारी इस आदेश के बाद आज वायदा बाजार यानी मैक्स पर सोना 10 हजार और चांदी 18 हजार रुपए महंगी हो गई है।
अब 1.63 लाख रुपए तोला
10 ग्राम सोने का भाव 1.63 लाख रुपए और 1 किलो चांदी का भाव 2.97 लाख रुपए पर पहुंच गया है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है।
सरकार ने इस लिए उठाया कदम
भारत में लोग सोना बहुत खरीदते हैं। हमारा देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। सोने की मांग को पूरा करने करने के लिए हमे इसे विदेश से मंगाना पड़ता है। इसके लिए डॉलर खर्च होते हैं। जब देश से ज्यादा पैसा बाहर जाने लगता है, तो देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। इसी आयात को कम करने के लिए सरकार ने टैक्स के नियम कड़े किए हैं।
प्रभावी टैक्स 15 प्रतिशत
सरकार ने सोने पर 10 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 प्रतिशत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15 प्रतिशत हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15 से घटाकर 6 फीसदी की थी।
फैसले को इस तरह समझें
नया टैक्स: बीते दिनों सोने-चांदी के आयात पर 3 फीसदी आईजीएसटी लगने के नियम बदले थे। इसके बाद आज सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6 से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी।
बैंकों स्थिति: आईजीएसटी लगने के बाद बैंक इस बात को लेकर उलझन में थे कि यह टैक्स कैसे भरना है, इसलिए उन्होंने करीब एक महीने तक सोना मंगाना ही बंद कर दिया।
नतीजा: अप्रैल में होने वाला आयात मात्र 15 टन रहने का अनुमान है, जो कोविड काल को छोड़कर पिछले तीन दशकों में किसी भी महीने के लिए सबसे कम है।


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सोना और चांदी का रेट हर दिन बदल रहा है। आज नागपंचमी के दिन सोने की कीमतों में तेजी आई है। सोमवार को 24 कैरेट सोना 609 चढ़कर 1,55,115 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। कल 1,54,506 रुपए प्रति 10 ग्राम था। चांदी का रेट भी 1476 चढ़कर 2,37,400 रुपए प्रति किलो हो गया है।
आज शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव बाजार पर हावी रहे। निवेशकों की सतर्कता के बीच बाजार में कमजोरी देखी गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 284.85 अंक गिरकर 77,717.05 पर आ गया।
घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली के कारण देश की शीर्ष 10 में से 5 कंपनियों का मार्केटकैप एक लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया है। जानिए टीसीएस, रिलायंस, एलआईसी और एसबीआई समेत किन कंपनियों को हुआ नफा और नुकसान।
रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित सात भारतीय राज्य 2031 तक 1380 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इन केंद्रों से करीब 12 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा होने का लक्ष्य है।
भारत में आज शुरुआती कारोबार के चंद मिनटों बाद शेयर बाजार की चाल और बिगड़ गई। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर खुले।
जुलाई 2026 के ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.45% हो गई है। खाद्य पदार्थों, प्याज, लहसुन और अदरक की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों के बाद शेयर बाजार की चाल डगमगा गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के दबाव में सेंसेक्स लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रूख देखने को मिल।
टाटा समूह के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से पहले पद छोड़ने की खबर है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों से इस संभावना पर चर्चा के बाद इस्तीफा दे दिया है।
बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया की ताजा रिपोर्ट मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेसेज लिस्ट 2026 के अनुसार, मुकेश अंबानी का परिवार भारत का सबसे अमीर कारोबारी परिवार बना हुआ है। संपत्ति में 8.5 फीसदी की गिरावट के बावजूद अंबानी परिवार की कुल संपत्ति 25.8 लाख करोड़ रुपए दर्ज की गई है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स टूट गया, जबकि निफ्टी नीचे फिसल गया है। निवेशकों के बीच मिडिल ईस्ट की स्थिति और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता बरकरार है। वहीं एयरटेल और इंडिगो जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया।