मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक वंदे मातरम् गायन के साथ आरंभ हुई। कैबिनेट में बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सीएम की अगुवाई में कैबिनेट ने किसान मप्र भूमि अर्जन पुनर्वासन अधिनियम 2015 में मल्टीपिकेशन फैक्टर के पुनर्निर्धारण का प्रावधान किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक वंदे मातरम् गायन के साथ आरंभ हुई।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक वंदे मातरम् गायन के साथ आरंभ हुई। कैबिनेट में बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सीएम की अगुवाई में कैबिनेट ने किसान मप्र भूमि अर्जन पुनर्वासन अधिनियम 2015 में मल्टीपिकेशन फैक्टर के पुनर्निर्धारण का प्रावधान किया है। इसके तहत अगर कृषि भूमि सरकारी कार्य में इस्तेमाल की जाती है तो सरकार किसानों को चार गुना मुआवजा देगी। वहीं इंदौर की 2 सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ से ज्यादा की मंजूरी दी गई है। इससे 10 हजार 800 हेक्टेयर क्षेत्र की कृषि भूमि में 145 गांवों के किसानों को फायदा होगा। वहीं उज्जैन क्षेत्र की 157 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजना को मंजूरी मिली है, जिससे 35 गांवों को लाभ मिलेगा। कैबिनेट ने पुनर्वास पैकेज के तहत छिंदवाड़ा जिले के लिए 128 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि मंजूर की है।
मरीजों के परिजनों के लिए बनेंगे शेल्टर होम
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मंत्री शिवाजी पटेल ने दी। मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए सेल्टर होम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। शेल्टर होम में मरीज के परिजनों को रुकने और खाने की व्यवस्था सस्ती दरों पर मिल सकेगी। यह व्यवस्था निमार्णाधीन मेडिकल कॉलेजों में भी लागू होगी। बैठक में यह भी तय हुआ है कि, अगले 5 सालों में सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और आर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाओं के विकास पर करीब 2 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
सामाजिक संस्थाएं बनाएंगी पेशेंट अटेंडर शेल्टर होम
मध्यप्रदेश में पहली बार मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए शेल्टर होम बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन अस्पतालों में आते हैं, लेकिन उन्हें ठहरने के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए शेल्टर होम बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग चरणबद्ध तरीके से वर्तमान में संचालित 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए सामाजिक संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करेगा। मरीजों के परिजनों के ठहरने और भोजन के लिए एक समिति न्यूनतम शुल्क तय करेगी।
साइकिल बांटने पर 990 करोड़ खर्च
सरकार अगले 5 सालों में कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को साइकिल देने के लिए 990 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके साथ ही शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1200 करोड़ खर्च करने का निर्णय लिया गया है।
सीएम केयर योजना 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने सीएम केयर योजना 2026 की निरंतरता को मंजूरी दी है। इस योजना पर 5 सालों में 3628 करोड़ खर्च किए जाएंगे। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री शिवाजी पटेल ने बताया कि नारी शक्ति वंदन के तहत महिला सशक्तिकरण के लिए एक दिन का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
गांवों में बनेंगी सड़क
मध्यप्रदेश कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग में विकास कार्यों के लिए 25 हजार 164 करोड़ की स्वीकृति दी है। ग्रामीण इलाकों में सड़कें बनेंगी और अन्य निर्माण विकास कार्य के होंगे।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर नगर निगम के 103.42 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बिल घोटाले में विशेष पीएमएलए अदालत में 32 आरोपियों के खिलाफ 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
मध्यप्रदेश की कृषि उपज मंडियों की व्यवस्थाओं में राज्य सरकार ने कुछ बड़े बदलाव किए हैं। मंडी में अब एक रजिस्टर्ड व्यापारी को एक ही दुकान आवंटित की जाएगी। राज्य सरकार ने पहली बार प्रदेश की मंडियों के लिए यह व्यवस्था लागू की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी सोमवार को 12 बजे खंडवा पहुंचे। यहां नई कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में शामिल हुए। साथ ही इस अवसर पर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख से अधिक किसानों के खाते में 3300 करोड रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर किसानों से संवाद किया।
भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान के केस में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट 7 अगस्त को इस हाई-प्रोफाइल केस पर सुनवाई करने जा रहा है।
मध्यप्रदेश सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 35 लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरे प्रदेश में जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। सभी जल स्रोतों की जियो टैगिंग की जाएगी ताकि उनकी लोकेशन और स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रहे।
मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के तहत खंडवा में आयोजित किए जा रहे बलराम कृषि महोत्सव में सोमवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शामिल होंगे। पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का किसानों से वर्चुअल संवाद प्रस्तावित था, लेकिन अब वे स्वयं सोमवार को खंडवा पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होंगे ।
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 तस्करों को रंगे हाथों दबोचा और करोड़ों के माल के साथ केमिकल जब्त किए।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, हाईटेक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम ई-बस सेवा के तहत सोमवार से शहर में यात्रियों के साथ इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू होने जा रहा है।
दतिया का सियासी पारा इन दिनों चरम पर है। भगवा पार्टी की तरफ से चुनावी रण में उतरीं किन्नर प्रत्याशी संजना सिंह का प्रचार अभियान पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दतिया की गलियों में यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि एक अनोखा लोक-उत्सव जैसा नजारा बन गया है।
मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं।