पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान की हत्या की अटकलें तेज होती जा रही हैं। उनकी पार्टी के समर्थक आदियाला जेल के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इमरान खान के परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है, जिससे समर्थकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

इमरान खान के परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है, जिससे समर्थकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

इस्लामाबाद। स्टार समाचार वेब
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान की हत्या की अटकलें तेज होती जा रही हैं। उनकी पार्टी के समर्थक आदियाला जेल के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इमरान खान के परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है, जिससे समर्थकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ऐसे में पाकिसतन की शहबाज सरकार ने रावलपिंडी में धारा 144 लगा दी है। साथ सड़कों पर सेना की तैनाती कर दी है। दरअसल, पाकिस्तान को डर सता रहा है कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के समर्थक रावलपिंडी में हंगामा खड़ा कर सकते हैं। रावलपिंडी को पाक सेना का गढ़ कहा जाता है। ऐसे में हिंसा भड़कने के डर से पाक सरकार ने पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया है।
तीन दिनों के लिए कर्फ्यू
रावलपिंडी के डिप्टी कमीश्नर डॉक्टर हसन वकार चीमा ने कोड आफ क्रिमिनल प्रोसीजर (पंजाब संशोधन) अधिनियम 2024 के तहत धारा 144 लागू करने का आदेश दिया है। 3 दिनों के लिए लगाया गया यह कर्फ्यू 1-3 दिसंबर तक लागू रहेगा।
शहबाज की बढ़ी मुश्किल
इमरान खान को लेकर पाकिस्तान के हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। इमरान के बेटे ने पिता के जिंदा होने के सबूत मांगे हैं। पाकिस्तान सरकार ने इमरान को अगस्त 2023 में सलाखों के पीछे बंद किया था। पिछले 1 महीने से किसी को इमरान से मिलने नहीं दिया गया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि पाक सेना ने जेल में ही इमरान की हत्या कर दी है। मगर, पाकिस्तान ने इसे अफवाह बताते हुए सभी दावों को खारिज कर दिया है।
हिंसा भड़कने का खतरा
भारी संख्या में लोगों के एकजुट होने, पार्टी, धरना, जुलूस या विरोध प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई है। रावलपिंडी में हथियार, कीलें, डंडे, पेट्रोल बम समेत अन्य विस्फोटक चीजें लेकर घूमने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। इससे हिंसा भड़कने का खतरा है। हथियार लहराने या भड़काऊ भाषण देने पर भी रोक लगा दी गई है। अगर पुलिस ट्रैफिक की आवाजाही के लिए कोई भी प्रतिबंध लगाती है, तो उसका पालन करना होगा।


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