हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई। इसी के साथ पिछले तीन दिनों से जारी रही तेजी पर थोड़ा ब्रेक लगा है। आज कारोबारियों और बड़े निवेशकों के चहरे पर भारी निराशा देखी गई।

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई।
मुंबई। स्टार समाचार वेब
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई। इसी के साथ पिछले तीन दिनों से जारी रही तेजी पर थोड़ा ब्रेक लगा है। आज कारोबारियों और बड़े निवेशकों के चहरे पर भारी निराशा देखी गई। पिछले तीन दिनों से अपनी बढ़त बरकरार रखने के बाद आज निफ्टी 50 26,237.5 अंक पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स थोड़ा बढ़कर 85,791 अंक पर कारोबार की शुरुआत की। हालांकि, फ्लैट शुरुआत के बावजूद बेंचमार्क इंडेक्स एफएमसीजी, मेटल और दूसरे सेक्टर के स्टॉक्स के सपोर्ट से ऊपर चढ़ते रहे। निफ्टी के टॉप गेनर्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, हिंडाल्को, टाइटन, अडानी एंटरप्राइजेज जैसी कंपनियों के शेयर शामिल रहे।
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 खुलने पर 0.15 प्रतिशत फिसला, जबकि टॉपिक्स में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। साउथ कोरिया के कोस्पी में 0.61 फीसदी की गिरावट आई, जबकि आॅस्ट्रेलिया का एसएंडपी/ एएसएक्स 200 थोड़ा ऊपर ट्रेड कर रहा था। वहीं अगर वॉल स्ट्रीट की बात करें, तो डाउ जोन्स फ्यूचर्स ने 10 पॉइंट्स की बढ़त हासिल की, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स फ्लैटलाइन के ठीक ऊपर रहे।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष् प्रशांत तापसे ने कहा-थैंक्सगिविंग डे के अवसर पर वॉल स्ट्रीट बंद रहा, जिससे भारतीय बाजारों को आज की दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों से पहले अपनी राह खुद तय करने का मौका मिला। अमेरिकी फेड और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में दोहरी कटौती की उम्मीद और संभावित अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर आशावाद के चलते बाजार में उत्साह बना हुआ है, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,255 करोड़ के शेयर बेचे हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा-भले ही सेंसेक्स और निफ्टी ने कल नई ऊंचाइयों को छुआ, लेकिन निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स अपने पीक से लगभग 9 फीसदी नीचे है। यह अंडरपरफॉर्मेंस मुख्य रूप से इस सेगमेंट की खराब अर्निंग्स ग्रोथ और ज्यादा वैल्यूएशन के कारण है। आम तौर पर, स्मॉलकैप्स के शॉर्ट-टर्म से मीडियम-टर्म में अंडरपरफॉर्म करते रहने की संभावना है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भारतीय अर्थव्यवस्था ने पकड़ी तेज रफ्तार। MoSPI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.7% रही, जबकि चौथी तिमाही में यह 7.8% दर्ज की गई। रियल और नॉमिनल जीडीपी की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
एमपीसी के फैसले के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 9.52 अंक गिरकर 74,350.49 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 17.15 अंक गिरकर 23,399.40 अंक पर आ गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर तीन दिनों तक चले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक यानी एमपीसी के फैसलों का एलान कर रहे हैं। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण महंगाई और आर्थिक विकास पर मंडराते जोखिमों के बीच पूरे बाजार की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाता है।
भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से द्विपक्षीय व्यापार समझौते और सेक्शन 301 टैरिफ उपायों को लेकर गहन चर्चा चल रही है। जानिए 7 जुलाई को होने वाले अंतिम फैसले और वाणिज्य मंत्रालय के इस कदम के मायने।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज बेंचमार्क सूचकांकों की शुरुआत निराशाजनक रही। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में चार फीसदी तक की तेज कमी दर्ज हुई। इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
दुनिया के टॉप अरबपतियों की सूची में बड़ा उलटफेर हो गया है। जहां एलन मस्क से लेकर मार्क जुकरबर्ग और जेफ बेजोस को बड़ी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर 81 साल के अरबपति लैरी एलिसन ने जोरदार कमाई की है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोरी का माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। कई दिग्गज शेयरों में गिरावट से बाजार का माहौल कमजोर बना रहा।
आज यानी जून महीने के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की है। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र की मजबूती और एशियाई बाजारों में तेजी का सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
आज यानी 1 जून-2026 से केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कुछ में तो राहत दी है, लेकिन कुछ जगह जनता को अपनी जेब ढीली करनी पडेगी। कॉमर्शियल सिलेंडर सोमवार से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है। 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए का इजाफा किया गया है।
घरेलू रसोई गैस के इस्तेमाल और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और सख्त विधिक फैसला लिया है। सरकार ने गैस कंट्रोल आर्डर में बड़ा संशोधन करते हुए साफ कर दिया है कि अब देश के किसी भी एक घर में केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध माना जाएगा।