याचिकाकर्ता दर्पण अवस्थी ने इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करते हुए वीआपी दर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी। मगर, हाईकोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने ये फैसला सुनाया है।

भोपाल/नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन पर रोक लगाने की लंबे समय से मांग हो रही है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए दो टूक शब्दों में कहा- किसी भी मंदिर में वीआईपी दर्शन होंगे या नहीं, इसका फैसला करने का अधिकार अदालत को नहीं है। इस तरह की याचिका को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने ये फैसला सुनाया है। जस्टिस महादेवन और जस्टिस जॉयमाला बागची भी इस बेंच का हिस्सा थे। याचिकाकर्ता दर्पण अवस्थी ने इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करते हुए वीआपी दर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी। मगर, हाईकोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
वीआईपी दर्शन पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता का कहना था कि उज्जैन के महाकल मंदिर के गर्भगृह में वीआईपी लोगों को आसानी से एंट्री मिल जाती है। वो महाकाल शिवलिंग पर जल चढ़ाकर पूजा-पाठ भी करते हैं, लेकिन आम जनता को इसका अधिकार नहीं है। उन्हें दूर से ही दर्शन करके वापस लौटना पड़ता है, जो पूरी तरह से गलत है। कोर्ट में याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि गर्भगृह में सभी के लिए नियम समान होने चाहिए। ये अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।
सीजेआई ने कहा-जिम्मेदार लोग ही लेंगे फैसला
सीजेआई सूर्यकांत ने वकील के तर्कों पर टिप्पणी करते हुए कहा-गर्भगृह में किसे जाना चाहिए और किसे नहीं, इसका फैसला अदालत नहीं कर सकती है। हम न्याय की बात कर रहे हैं। हो सकता है ये न्याय का मामला हो, लेकिन इस पर जिम्मेदार लोग ही फैसला ले सकते हैं, न कि अदालत। अगर अदालत ये तय करने लगे कि मंदिर में कौन जाएगा और कौन नहीं, तो कोर्ट का भार बहुत बढ़ जाएगा।
आज 14 तो कल अनुच्छेद 19 की भी मांग होगी
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा- अगर अनुच्छे 14 की बात हो रही है, तो कल अनुच्छेद 19 की भी मांग होगी। अभी आप गर्भगृह में जाने का अधिकार मांग रहे हैं, कल कहेंगे कि मुझे मंत्र पढ़ना है, क्योंकि अनुच्छेद 19 के तहत हमारे पास बोलने का अधिकार है। इस पर वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा-उनकी याचिका भेदभाव पर आधारित है। गर्भगृह में या तो सबकी एंट्री बंद कर देनी चाहिए, या सभी को गर्भगृह में जाने की इजाजत होनी चाहिए। कुछ चुनिंदा लोगों को खास तवज्जो देना गलत है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर NHAI ने NH-45 स्थित शहपुरा टोल प्लाजा पर टोल वसूली रोक दी है। एप्रोच रोड के निर्माण कार्य के चलते यह फैसला लिया गया है।
भोपाल के बैरागढ़ स्थित होटल में लेबर इंस्पेक्टर की परीक्षा देने आए 27 वर्षीय पवन बामनिया का शव मिला। लगातार सरकारी नौकरी में असफलता मिलने के तनाव के चलते आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।
इंदौर के राजबाड़ा इलाके में अनियंत्रित PM सिटी बस ने चार लोगों को कुचल दिया। हादसे में ऑटो ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। गुस्साई भीड़ ने बस में की तोड़फोड़।
धर्मनगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ यानी सिंहस्थ 2028 की तैयारियां बड़े पैमाने पर शुरू हो चुकी हैं। इस महाआयोजन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए शहर में चौड़ीकरण और विकास का बड़ा अभियान चलाया जा रहा है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का तीन अक्टूबर को भोपाल दौरा प्रस्तावित है। भेल दशहरा मैदान में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय पशुपालक सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
मध्यप्रदेश में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक तैयारी शुरू कर दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 में संशोधन करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है।
मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले चर्चित गोरकर बंधुओं के दोहरे हत्याकांड में फरार दो आरोपियों को नीलगंगा पुलिस ने करोहन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला कर भागने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई के दौरान दोनों के पैर में गोली लगी।
मध्य प्रदेश में 21 साल के लंबे इंतजार के बाद 25 सितंबर को बड़े तामझाम के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की गई। भेल दशहरा मैदान से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिन 351 आधुनिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, उनकी जमीनी हकीकत 24 घंटे के भीतर ही बेनकाब हो गई।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। यह धमकी राज्य आपातकालीन सेवा डायल-112 के आधिकारिक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर पर भेजी गई थी।
सूने आंगनों में खिलखिलाहट की गूंज और तरसती बांहों को आखिरकार एक अधूरा-सा सुकून मिल गया। मध्य प्रदेश में ममता का दायरा और परिवारों का दिल इस कदर बढ़ा है कि बीते पांच वर्षों के सभी रिकॉर्ड पीछे छूट गए। लगातार दूसरे साल यह साबित हुआ है कि समाज की सोच में एक मानवीय बदलाव आ रहा है।