अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की ओर से दिए गए युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट आफ होर्मुज को खोलने के प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान इस वक्त आर्थिक और सैन्य रूप से भारी दबाव में है। इसी वजह से वह जल्दबाजी में समझौता करना चाहता है।

ईरान का रुख: अमेरिका को भेजा था 7 दिनों का रोडमैप, कहा-हल सिर्फ बातचीत से ही संभव
अब अमेरिकी रणनीति: मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर दोबारा बमबारी की योजना की रिपोर्ट
न्यूयॉर्क। स्टार समाचार वेब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की ओर से दिए गए युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट आफ होर्मुज को खोलने के प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान इस वक्त आर्थिक और सैन्य रूप से भारी दबाव में है। इसी वजह से वह जल्दबाजी में समझौता करना चाहता है। व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रम्प ने कहा- ईरान बुरी तरह हार रहा है और उसके पास पैसों की तंगी हो गई है। उसकी पूरी कमाई होर्मुज से होने वाले व्यापार पर टिकी है। अमेरिका ने इस समुद्री रास्ते पर सैन्य इतिहास की सबसे सख्त और लोहे की दीवार जैसी नाकेबंदी की है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दोहराया कि इस संघर्ष का स्थायी समाधान केवल कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही निकल सकता है। ईरान ने कतर के माध्यम से अमेरिका को एक 7-दिवसीय शांति रोडमैप भेजा था, जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से तनाव कम करने का प्रस्ताव रखा गया था।
ईरान का 7 दिवसीय रोडमैप और शर्तें
शर्त 1: अमेरिका सबसे पहले सैन्य कार्रवाई रोके और ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे।
शर्त 2: ईरान अपने बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और विदेशों में फ्रीज पड़ी अपनी $12 अरब (लगभग 1 लाख करोड़) की संपत्ति को जारी करने की मांग कर रहा था।
सातवां दिन: शर्तें पूरी होने पर 7वें दिन होर्मुज को दोबारा खोलने और परमाणु कार्यक्रम समेत अन्य मुद्दों पर विस्तृत वार्ता शुरू करने का प्लान था।
क्षेत्रीय शांति: प्रस्ताव में लेबनान और यमन सहित पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में संघर्ष-विराम की बात शामिल थी।
दावा-चुनाव के बाद फिर शुरू होगी बमबारी
एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर दोबारा हवाई हमले शुरू करने की योजना बना रहे हैं। ट्रम्प ने अपने शीर्ष सैन्य सलाहकारों के साथ इस रणनीति पर चर्चा की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन का रुख ईरान को लेकर लगातार बदल रहा है, वे कभी बातचीत का संकेत देते हैं, तो कभी ईरान को पूरी तरह तबाह करने की चेतावनी। अभी अमेरिका इस गतिरोध को बनाए रखने के मूड में दिख रहा है, जिससे अमेरिका के भीतर भी एक लंबी जंग में उलझने की चिंता बढ़ गई है।


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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की ओर से दिए गए युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट आफ होर्मुज को खोलने के प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान इस वक्त आर्थिक और सैन्य रूप से भारी दबाव में है। इसी वजह से वह जल्दबाजी में समझौता करना चाहता है।
अमेरिकी नौसेना ने हाल के हफ्तों में ईरान के आसपास के समुद्री इलाकों से अपने बड़े जहाज हटा दिए हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से साफ है कि ओमान की खाड़ी और अरब सागर में कोई अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर या डेस्ट्रॉयर मौजूद नहीं है। सितंबर की शुरुआत से ये जहाज वहां से गायब हो गए।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए 7 दिवसीय योजना का प्रस्ताव रखा है।
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