सतना-मैहर मार्ग पर भारी वाहनों के भीषण जाम में एंबुलेंस फंसने से एक गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिल सका। इलाज में देरी के कारण गर्भ में पल रहे नवजात की मौत हो गई, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
By: Yogesh Patel
Dec 13, 20253:01 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
क्षेत्र में भारी वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे का कारण बन गई। लगातार चल रहे ट्रकों के कारण लगा भीषण जाम एंबुलेंस के रास्ते में दीवार बनकर खड़ा हो गया। इलाज में हुई देरी के चलते प्रसूता के गर्भ में पल रहे नवजात की मौत हो गई। घटना के विरोध में ग्रामीण शुक्रवार सुबह सड़कों पर उतर आए और करीब एक घंटे तक चक्काजाम किया।
जाम में तड़पती रही एंबुलेंस
भदनपुर गांव की 29 वर्षीय तुलसा कोल को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने पर परिजन एंबुलेंस से मैहर सिविल अस्पताल ले जा रहे थे। रात करीब 9 बजे जैसे ही वाहन सरलानगर क्षेत्र में पहुंचा, भारी वाहनों की लंबी कतार में फंस गया। लगभग एक घंटे तक एंबुलेंस जाम से बाहर नहीं निकल सकी। इस दौरान प्रसूता दर्द से कराहती रही लेकिन समय पर उपचार नहीं मिल पाया।काफी प्रयासों के बाद जब उन्हें मैहर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, तब डॉक्टरों ने हालत अत्यंत गंभीर बताते हुए तुरंत सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, मरीज अस्पताल रात 10:25 बजे पहुंची थी और उसे अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। सतना पहुंचने के बाद मृत बच्चे का जन्म कराया गया। महिला का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
नवजात की मौत की खबर मिलते ही शुक्रवार को ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हुए और सड़क पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया। चक्काजाम करीब एक घंटे तक चला, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वाहनों की आवाजाही नियंत्रित होती, तो एंबुलेंस समय पर अस्पताल पहुंच सकती थी और शायद मासूम की जान बच जाती।
अधिकारियों का हस्तक्षेप
चक्काजाम की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को आश्वासन दिया कि भारी वाहनों की आवागमन व्यवस्था को सुधारा जाएगा तथा जाम की समस्या से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और यातायात बहाल हो सका। परिजन और ग्रामीण इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।