सतना जिले के नागौद थाना अंतर्गत अटरा गांव में पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लाठी-डंडों और ट्रैक्टर से कुचलने के आरोप के बीच एक व्यक्ति की मौत और चार के घायल होने से गांव में दहशत फैल गई। गिरफ्तारी, फरारी और नेशनल हाईवे जाम ने प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दीं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले के नागौद थाना अंतर्गत अटरा गांव में शुक्रवार की देर रात पुराने विवाद को लेकर एक ही समाज के दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में लाठी-डंडों और जानलेवा हमले में तब्दील हो गया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना से गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। इस संंबंध में मिली जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले से चली आ रही रंजिश को लेकर बातचीत के दौरान विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि इस दौरान एक पक्ष ने सरपंच पति पर ट्रैक्टर से कुचलने का गंभीर आरोप भी लगाया है, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया। बताया जाता है कि इस मामले में पुलिस ने सरपंच पति समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया है जिसमें से 9 लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं और सरपंच पति समेत दो लोग अब भी फरार हैं।
पुरानी रंजिश बनी हिंसा की वजह
पुलिस ने मृतक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, साथ ही घायलों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा विवाद गांव में लंबे समय से चली आ रही आपसी रंजिश का नतीजा है।
सरपंच पति समेत 11 पर आरोप
पुलिस के अनुसार, इस हिंसक घटना में गांव के ही सरपंच पति पंकज सिंह पटेल, उनके भाई अमित पटेल और भतीजे अंकित पटेल सहित कुल 11 लोगों पर मारपीट और हत्या का आरोप है। घायलों के आरोप के अनुसार प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हमलावरों की संख्या दर्जन के करीब बताई जा रही है। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही नागौद थाना पुलिस और पोड़ी चौकी की टीम तत्काल घटना स्थल पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घटना में आरोपी बनाए गए अंकित, रामदुलारे, हर्षित तिवारी, कृष्णमेन्द्र सिंह, अनिल सिंह, खुशीराम, लवकुश पटेल, कुंजीलाल सिंह एवं संदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि सरपंच पति अमित सिंह और पंकज अभी भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 296, 115(2), 118 (1), 103 (1), 191 (2), 191 (3), 190 बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
इलाज के दौरान घायल की मौत
घटना में द्वारिका पटेल 45 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल के लिए निकले लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मारपीट में बिल्ला पटेल, नत्थू पटेल, प्रहलाद पटेल और अंश पटेल घायल हुए हैं। इनमें बिल्ला पटेल की हालत गंभीर होने के कारण उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।
परिजनों ने लगाया जाम
मृतक के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सीएम को ज्ञापन देने को लेकर सिविल लाइन चौराहे में ओवरब्रिज के नीचे लाश रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जिसके चलते शहर के मध्य से गुजरने वाला नेशनल हाइवे थम गया। मृतक के परिजन किसी भी हालत में सीएम तक अपनी फरियाद पहुंचाना चाह रहे थे जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि सीएम उनके पास तक नहीं आ रहे हैं वे सतना से रवाना हो चुके हैं तो प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन और तेज करते हुए घंटों जाम लगाए रखा।
एसडीएम से हुई तीखी बहस
मृतक के परिजनों के द्वारा लगाए गए जाम की वजह से हो रही परेशानी को देखते हुए एसडीएम राहुल सिलाड़िया धरना स्थल पर पहुंचे जहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन देर शाम तक परिजन नहीं माने और एक समय तो स्थिति यह हो गई कि एसडीएम और मृतक के परिजनों के बीच तीखी बहस हो गई।

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