ऑस्ट्रेलियाई सीनेटर पॉलिन हैनसन ने संसद में बुर्का पहनकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद उनकी धुर दक्षिणपंथी 'वन नेशन' पार्टी की लोकप्रियता 25 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। जानें इस उछाल के पीछे आर्थिक संकट, अप्रवासन नीति और विरोध प्रदर्शन का क्या प्रभाव रहा।

ऑस्ट्रेलिया. स्टार समाचार वेब
ऑस्ट्रेलिया की धुर दक्षिणपंथी सीनेटर और वन नेशन पार्टी की नेता पॉलिन हैनसन द्वारा पिछले महीने संसद में बुर्का पहनकर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद उनकी पार्टी की लोकप्रियता में अभूतपूर्व उछाल आया है। इस घटना के महज एक हफ्ते के भीतर ही 'वन नेशन' पार्टी को पसंद करने वालों की संख्या पिछले 25-27 वर्षों में सबसे अधिक हो गई है।
यह घटना 24 नवंबर को ऑस्ट्रेलियाई संसद के ऊपरी सदन सीनेट में हुई थी। पॉलिन हैनसन देश में बुर्के और पूरे चेहरे को ढकने वाले नकाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही थीं। जब उन्हें इससे संबंधित बिल पेश करने की अनुमति नहीं मिली, तो उन्होंने विरोध जताते हुए खुद बुर्का पहनकर सदन में प्रवेश किया। उनके इस प्रदर्शन के कारण संसद में हंगामा हुआ और उन्हें सात दिनों के लिए सीनेट से निलंबित कर दिया गया था।
हैनसन के इस विवादास्पद प्रदर्शन का परिणाम उनकी पार्टी के लिए राजनीतिक लाभ के रूप में सामने आया है। रॉय मॉर्गन नामक एक सर्वे एजेंसी द्वारा हाल ही में किए गए राष्ट्रव्यापी सर्वे (जिसमें 5,248 लोगों को शामिल किया गया) में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। इस सर्वे के अनुसार, वन नेशन पार्टी को 14 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है, जो कि पार्टी के लिए लगभग 25-27 वर्षों में सबसे बड़ा समर्थन है।
कट्टर प्रवासी विरोधी नेता के रूप में चर्चित पॉलिन हैनसन, जो 1990 के दशक से ही अप्रवासन के खिलाफ तीखे विचारों के लिए जानी जाती हैं, का यह विरोध प्रदर्शन अचानक बढ़ी लोकप्रियता का एक मुख्य कारण है। हालांकि, इस उछाल के पीछे सिर्फ बुर्का विरोध ही नहीं, बल्कि कई अन्य आर्थिक और सामाजिक कारण भी माने जा रहे हैं:
बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव: ऑस्ट्रेलिया में वर्तमान में महंगाई काफी अधिक है। किराए के मकानों की कीमतें और सामान्य रहने-खाने का खर्च आम लोगों पर भारी पड़ रहा है।
विदेशी अप्रवासियों की बढ़ती संख्या: देश में विदेशी प्रवासियों की लगातार बढ़ती संख्या भी नागरिकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
आर्थिक भविष्य की चिंता: ऑस्ट्रेलियन डॉट कॉम ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर मिशेल बुलॉक के हवाले से चेतावनी दी है कि राजकोषीय घाटा बढ़ने के कारण ब्याज दरों में और वृद्धि हो सकती है, जिससे आम लोगों में अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है।
माना जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया की मुख्यधारा की बड़ी पार्टियों के कमजोर होने और लोगों पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ के कारण मतदाता वन नेशन पार्टी जैसे विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यदि यह रुझान आगामी चुनावों तक बना रहा, तो वन नेशन पार्टी सीनेट में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभर सकती है, जिससे देश की नीतियों पर दबाव पड़ सकता है और उनमें बदलाव की मांग उठ सकती है।

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