भोपाल के बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उच्च शिक्षा में बेटियों के नामांकन पर भी विशेष चर्चा हुई।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य: युवाओं को अपनी प्रतिभा का उपयोग व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के हित में करने की प्रेरणा।
भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्व: शिक्षा को केवल सूचना प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और लोक कल्याण का मार्ग बताया।
हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण: प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण और जल संरक्षण पर विशेष बल।
उच्च शिक्षा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी: मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा में लड़कों की तुलना में बेटियों का नामांकन अधिक दर्ज किया गया।
अकादमिक उपलब्धियां: दीक्षांत समारोह में 85 शोधार्थियों को Ph.D. उपाधि और 27 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल का दीक्षांत समारोह शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और जनसेवा की भावना सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे सफलता के साथ-साथ हमेशा विनम्र रहें और अपने माता-पिता, शिक्षकों तथा समाज के योगदान को कभी न भूलें।
राज्यपाल ने महान स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् बरकतउल्लाह जी के देश प्रेम को नमन करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों की वर्षों की मेहनत और अनुशासन का उत्सव है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा के गुरु सांदीपनि आश्रम में समान शिक्षा प्राप्ति के प्रसंग को रेखांकित किया और कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान बढ़ाना नहीं, बल्कि सत्य की खोज और चरित्र निर्माण करना है।
समारोह की थीम ‘हरित ऊर्जा से विकसित भारत बनाने की पहल’ की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है। जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए उन्होंने शुद्ध प्राणवायु हेतु पौधरोपण, जल संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने विश्वविद्यालयों से अपील की कि वे ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्र में नए नवाचारों को बढ़ावा दें।
इसके अतिरिक्त, राज्यपाल ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘जन सेवा संकल्प’ अभियान का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों से सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर पीड़ितों की मदद के लिए रक्तदान शिविर जैसी समाजोपयोगी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रदेश में इस वर्ष उच्च शिक्षा में बेटियों का नामांकन लड़कों से अधिक रहा है, जो कि बदलते सशक्त भारत की एक बेहतरीन तस्वीर है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को प्रभावी ढंग से लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है।
भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के कुलपति प्रो. के. रंगराजन ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि आज वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए विदेश जाने की अनिवार्यता खत्म हो चुकी है, क्योंकि भारत में ही अब अपार अवसर उपलब्ध हैं। अपर मुख्य सचिव एवं बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री अनुपम राजन ने स्वागत भाषण देते हुए बताया कि इस समारोह में कुल 85 शोधार्थियों को Ph.D. और 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए तथा उपस्थित छात्रों को दीक्षांत शपथ दिलाई गई।
इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हरीश चौधरी, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने शिक्षा, रोजगार, 27% ओबीसी आरक्षण और बजट जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए।
उज्जैन में युवा धर्म संसद को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मानव अहंकार पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि दुनिया इंसान की मर्जी से नहीं, बल्कि प्रकृति के शाश्वत नियमों से चलती है।
भोपाल के बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उच्च शिक्षा में बेटियों के नामांकन पर भी विशेष चर्चा हुई।
कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता के तहत मादा चीता KGP12 ने 4 नए शावकों को जन्म दिया है। अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 54 हो गई है। जानिए पूरी खबर।
शिप्रा नदी के पावन तटों (रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, भूखी माता घाट) और भव्य महाकाल महालोक में एक साथ 33 लाख 27 हजार दीये प्रज्ज्वलित किए गए। इसके साथ ही उज्जैन ने एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया
उज्जैन के रामघाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर मध्य प्रदेश के 50 लाख लोगों को जमीन की निःशुल्क रजिस्ट्री की सौगात दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर मध्य प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के तहत भोपाल में सीएम मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने रक्तदान व स्वास्थ्य शिविरों का शुभारंभ किया।
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मध्य प्रदेश के इंदौर में 'स्वामित्व योजना 2026' के तहत ग्रामीण संपत्ति की फ्री रजिस्ट्री का शुभारंभ हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यक्रम में शिरकत कर कांग्रेस पर साधा निशाना।
जबलपुर के एनडीवीएसयू में दो महीने के सफल इलाज के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की घायल बाघिन स्वस्थ हो गई है। उसे भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क के लिए रवाना कर दिया गया है।

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