भोपाल के चर्चित 26 टन गोमांस तस्करी मामले में आरोपी असलम चमड़ा को सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी है। पढ़ें बचाव पक्ष की दलीलें और हिंदू संगठनों की चेतावनी।
By: Ajay Tiwari
Mar 18, 20266:28 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित गोमांस तस्करी मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ 'चमड़ा' को बड़ी राहत मिली है। निचली अदालत से अर्जी खारिज होने के बाद, सत्र न्यायालय (Session Court) ने बुधवार को असलम की जमानत मंजूर कर ली। अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन की अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलों को सुनने के बाद 35 हजार रुपये के मुचलके (बॉन्ड) पर जमानत के आदेश जारी किए।
सुनवाई के दौरान असलम कुरैशी के वकील जगदीश गुप्ता ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए। वकील ने तर्क दिया कि पुलिस की विवेचना में कई खामियां हैं और असलम को गलत तरीके से फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि कंटेनर में जब्त किया गया मांस असलम का नहीं था, बल्कि वह आगरा की एक कंपनी का माल था जिसे केवल ट्रांसपोर्ट किया जा रहा था। वकील ने इस बात पर जोर दिया कि हैदराबाद की लैब से अभी तक अंतिम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। एडवोकेट गुप्ता ने दलील दी कि स्लॉटर हाउस में जानवरों का वध डॉक्टर द्वारा शारीरिक परीक्षण (Physical Verification) के बाद ही किया जाता है, इसलिए अवैध वध की बात निराधार है।
दूसरी ओर, सरकारी वकील और हिंदू संगठन 'जय मां भवानी' के प्रमुख भानू हिंदू ने जमानत का कड़ा विरोध किया। भानू हिंदू ने तर्क दिया कि यह मामला करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी को रिहा किया जाता है, तो शहर की महिलाएं और युवा सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने मांग की थी कि आरोपी पर रासुका (NSA) लगाया जाना चाहिए।
इससे पहले, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य की अदालत ने अपराध की गंभीरता और एसआईटी (SIT) द्वारा पेश किए गए 500 पन्नों के चालान को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
यह मामला 17 दिसंबर 2025 का है, जब जहांगीराबाद इलाके में हिंदू संगठनों ने एक संदिग्ध कंटेनर पकड़ा था। जांच में पता चला कि कंटेनर में करीब 26 टन मांस भरकर मुंबई भेजा जा रहा था। मथुरा फॉरेंसिक लैब की शुरुआती रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि होने के बाद, 8 जनवरी को पुलिस ने स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी और ड्राइवर शोएब के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।