रीवा में मई की मूसलाधार बारिश से खरीदी केन्द्रों में रखा अनाज भीग गया। तेज हवाओं और वर्षा से तापमान में चार डिग्री गिरावट दर्ज हुई, अगले दिनों में भी मौसम ऐसा ही रहने के आसार हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
उत्तर-पूर्व भारत सहित राजस्थान में बने चक्रवात का असर जिले में पिछले चार दिनों से लगातार बना हुआ है। मंगलवार की सुबह से ही रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा जो शाम होते ही मूसलाधार बारिश में तब्दील हो गया। शाम लगभग पौने 7 बजे तेज हवा के बीच बारिश का दौर शुरू हुआ, पहले फुहारादार बारिश हुई और देखते ही देखते इसके रफ्तार में परिवर्तन होता चला गया। कुछ ही देर में बारिश ने मूसलाधार का रूप ले लिया जिससे जिले के एक दर्जन से ज्यादा खरीदी केन्द्रों में खुले में रखे शासकीय खाद्यान्न के प्रभावित होने की जानकारी फिलहाल सामने आ रही है।
आपको बता दें कि रीवा जिले में इसके पहले भी मई के माह में वर्षा हो चुकी है। जानकारी के अनुसार 1982 में एक माह के दौरान मई के महीने में 51.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई थी जबकि एक दिन यानी 24 घंटे की बात की जाए तो जिले में सर्वाधिक वर्षा 40 मिलीमीटर रिकार्ड हुई है जो 18 मई 1976 को दर्ज है। आपको बता दें कि मौसम विभाग ने इसके पहले भी जिले में बारिश होने के संकेत दिए थे।
पिछले दस वर्षों से होती आ रही है बारिश
पिछले दस वर्षों के रिकार्ड पर नजर डाली जाए तो वर्ष 2016 से लेकर अब तक मई के महीने में 5 मिलीमीटर से लेकर 30 मिलीमीटर तक बारिश हो चुकी है। जिसमें वर्ष 2016 में 5.6 मिमी., वर्ष 2017 में 9.4 मिमी., 2018 में 4.2 मिमी., वर्ष 2019 में 3.4, वर्ष 2020 में 19.2, वर्ष 2021 में 24.8, वर्ष 2022 में 3, वर्ष 2023 में 29.4 मिलीमीटर तथा वर्ष 2024 में 16.6 मिमी एवं वर्ष 2025 में 9.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हो चुकी है। जबकि जारी वर्ष में एक सप्ताह के दौरान तकरीबन 6 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश अब तक रिकार्ड हो चुकी है जिसमें मंगलवार की शाम हुई बारिश के आंकड़े शामिल नहीं हैं।
मंडियों में भीग रहा अनाज
शासन द्वारा किसानों से अनाज की खरीदी की जाती है जिसके लिए कृषि उपज मंडी के अलावा वेयर हाउस में उपार्जन केन्द्र बनाए जाते हैं जहां आसपास के अंचलों से किसान अपने अनाज को बेचने के लिए पहुंचते हैं। करहिया कृषि उपज मंडी सहित अन्य मंडियों में न केवल गेहूं बल्कि खरीफ सीजन की धान जो कि हजारों क्विंटल में है वह अभी भी परिवहन के अभाव में केन्द्रों में मौजूद है जिनके खुले में पड़े होने की वजह से उन पर इस बारिश का सीधा असर पड़ रहा है। आपको बताते चलें कि तत्कालीन कलेक्टर ने इस मामले में पहली बेमौसम बारिश पर अनाज को सुरक्षित करने के संबंध में निर्देश जारी किए थे लेकिन जिस तरह से जानकारियां सामने आ रही हैं उससे स्पष्ट है कि खरीदी केन्द्रों एवं मंडियों में खुले में रखा किसानों की खून पसीने की कमाई का अनाज भीग रहा है जिसके भविष्य में सड़ने की संभावना भी बढ़ रही है।
चार-चार डिग्री गिरा पारा
पिछले 48 घंटे से जिले में तेज हवा के चलने के साथ-साथ बारिश व ओलावृष्टि का संगम बना हुआ है। गत दिवस भी जिले के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में जमकर बारिश हुई। वहीं मंगलवार को भी सुबह से ही बदली के बीच वर्षा का क्रम बनता रहा। इस दौरान न्यूनतम तापमान 25 डिग्री से लुढ़ककर 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है जबकि अधिकतम तापमान में भी 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है और यह 38 डिग्री सेल्सियस से लुढ़ककर 34.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है।
आज भी गरज-चमक के साथ बौछार की संभावना
मौसम कार्यालय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार उच्च हवा का दबाव तथा चक्रवात की वजह से जिले का मौसम अगले तीन-चार दिनों तक इसी तरह बने रहने की संभावना है। वहीं आगामी 24 घंटे के दौरान जिले में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। जिसकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर तक होने की संभावना है। वहीं अगले दो दिनों तक ऐसे ही हालात बने रहेंगे। जिसके बाद अधिकतम तापमान में क्रमिक रूप से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी संभावित है।


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