भोपाल नगर निगम में करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले को लेकर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई। अपर आयुक्त के खिलाफ FIR के बाद सेंट्रल वर्कशॉप और डेटा सेंटर पर छापेमारी। जानें पूरा मामला

हाइलाइट्स
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की राजधानी के नगर निगम (BMC) में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका खुलासा लोकायुक्त की ताजा कार्रवाई से हो रहा है। शुक्रवार को डेटा सेंटर पर दबिश के बाद, रविवार सुबह 9 बजे लोकायुक्त की टीम ने माता मंदिर स्थित सेंट्रल वर्कशॉप पर छापा मारा। करोड़ों रुपये के 'फर्जी बिल' घोटाले में टीम अभी भी दस्तावेजों और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है।
लोकायुक्त पुलिस को शुक्रवार की छापेमारी में ऐसे पुख्ता सबूत मिले थे, जिनसे पता चला कि सेंट्रल वर्कशॉप में गाड़ियों की मरम्मत और मैकेनिकल कार्यों के नाम पर भारी फर्जीवाड़ा हुआ है। इसी कड़ी में रविवार को टीम ने ऑफिस पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले और वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की।
जांच में सामने आया है कि इस घोटाले को अंजाम देने के लिए SAP सॉफ्टवेयर का सहारा लिया गया।
फर्जी ई-बिल: बिना कोई काम कराए सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी बिल जनरेट किए गए।
रिश्तेदारों को भुगतान: अपने परिचितों और रिश्तेदारों की फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपये का अवैध भुगतान कराया गया।
कागजों पर मरम्मत: जलकार्य और सामान्य प्रशासन जैसे विभागों के वाहनों की पेंटिंग और रिपेयरिंग केवल कागजों पर दिखाई गई।
इस मामले में लोकायुक्त ने 11 मार्च को अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया है। कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद ही यह छापेमारी शुरू की गई। हालांकि, अपर आयुक्त ने सफाई देते हुए कहा है कि बिलों का भुगतान विभागों के सत्यापन और कमिश्नर से चर्चा के बाद ही किया जाता है।
शुक्रवार को फतेहगढ़ स्थित डेटा सेंटर से पिछले 10 साल के डिजिटल दस्तावेज और सर्वर डेटा ज़ब्त किया गया है। लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार, ज़ब्त किए गए डेटा के विश्लेषण से कई बड़े चेहरों और बाहरी फर्मों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

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राजधानी भोपाल में बीते तीन महीने पहले कोहेफिजा में जिस एमबीबीएस की छात्रा ने फरवरी में सुसाइड किया था। देर रात उसी घर के मकान मालिक विजय राठौर ने भी आत्महत्या कर ली है। पत्नी का आरोप है कि पुलिस घंटों पूछताछ के लिए बिठाती थी।
मध्यप्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव लड़ने के नियमों का पालन नहीं करने पर 2022 का चुनाव लड़ चुके 3500 उम्मीदवारों को 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई लगातार सुनवाई के बाद की है।
मध्यप्रदेश के दमोह में 3 साल के बच्चे अनिरुद्ध की हत्या कर शव भूसे में फेंक दिया गया। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और एफएसएल टीम जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने इसे बंगाल में सुशासन और विकास के नवयुग का प्रारंभ बताया।
भोपाल के ऐशबाग में सार्वजनिक शौचालय को लेकर नगर निगम और रेलवे के बीच विवाद गहराया। निगम ने रेलवे को बाउंड्री वॉल हटाने का नोटिस देते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है
मऊगंज जिले के बहुती गांव में अकेली रह रही महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंसा गया। घर का सामान बिखरा मिला है, जिससे पुलिस चोरी और संपत्ति विवाद दोनों एंगल से जांच कर रही है।
मैहर सिविल अस्पताल में घायल महिला को रीवा रेफर करने के बावजूद चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली। एक वाहन में डीजल खत्म था तो दूसरे में ऑक्सीजन नहीं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था और 108 सेवा की लापरवाही उजागर हुई।
मुकुंदपुर रेंज के गोरा गांव में अवैध तेंदूपत्ता तोड़ाई की शिकायत पर वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने छापा मारा। मौके पर लोगों को चेतावनी देकर वन अपराधों के खिलाफ विशेष निगरानी अभियान और सख्ती जारी रखने की बात कही गई।
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265 करोड़ के सतना स्टेशन रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की रफ्तार बेहद धीमी है। 24 माह में पूरा होने वाले काम का 20 माह बाद भी आधा हिस्सा अधूरा है, जिससे पीएम गति शक्ति यूनिट और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली सवालों में घिर गई।