मैहर सिविल अस्पताल में घायल महिला को रीवा रेफर करने के बावजूद चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली। एक वाहन में डीजल खत्म था तो दूसरे में ऑक्सीजन नहीं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था और 108 सेवा की लापरवाही उजागर हुई।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
इंसानियत को झकझोर देने वाली एक तस्वीर मैहर सिविल अस्पताल से सामने आई है, जहां सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था चार घंटे तक सिर्फ तमाशा देखती रही। अस्पताल परिसर में पति कभी हाथ जोड़ता रहा, कभी लोगों के पैरों पर गिरकर मदद मांगता रहा, लेकिन न सिस्टम पसीजा और न जिम्मेदार जागे। जानकारी के मुताबिक घटना गुरुवार देर रात की बताई जा रही है। हादसे में घायल रंजना सिंह पति विक्रम सिंह को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल मैहर लाया गया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रीवा रेफर कर दिया, लेकिन रेफर कागज देने के बाद मानो अस्पताल की जिम्मेदारी खत्म हो गई। एंबुलेंस के इंतजार में महिला दर्द से कराहती रही और उसके पति की बेबसी अस्पताल की दीवारों से टकराकर लौटती रही।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पति लगातार लोगों से गुहार लगाता रहा। कभी हाथ जोड़ता, कभी रोता, तो कभी किसी के पैरों में गिरकर पत्नी की जान बचाने की भीख मांगता दिखा। लेकिन जिस व्यवस्था को 'आपातकालीन सेवा' कहा जाता है, वह चार घंटे तक कहीं नजर नहीं आई। सबसे शर्मनाक पहलू तब सामने आया जब रात करीब 10 बजे 108 एंबुलेंस अस्पताल पहुंची।
आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने आॅक्सीजन सिलेंडर नहीं होने का हवाला देकर मरीज को रीवा ले जाने से मना कर दिया। बताया गया कि महिला की हालत गंभीर देखते हुए ड्यूटी में पदस्थ चिकित्सकों द्वारा शाम 6 बजे 108 में कॉल कर बुक किया गया, लेकिन रात 10 बजे तक कोई एम्बुलेंस अस्पताल मरीज लेने नहीं पहुंची। रात दस बजे पहली एम्बुलेंस पहुंची जिसके चालक ने डीजल खत्म होने का हवाला दिया। दूसरी एम्बुलेंस ने आॅक्सीजन सिलेंडर न होना बताया। काफी देर तक आनाकानी करने के बाद सिविल अस्पताल से सिलेंडर उपलब्ध कराया गया और मरीज को रीवा रेफर किया गया।
108 सेवा के समन्वयक अधिकारी भी नहीं करा पाए व्यवस्था
सवाल यह है कि अगर आॅक्सीजन नहीं थी तो एंबुलेंस मरीज तक पहुंची ही क्यों? और यदि गंभीर मरीजों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तो फिर यह सेवा आखिर किस काम की है? बताया गया कि मामले की सूचना 108 सेवा के सतना स्थित समन्वयक अधिकारी नीलेश द्विवेदी को भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी। इससे साफ है कि लापरवाही सिर्फ जमीनी स्तर पर नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में पसरी हुई है।
लोगों में भारी आक्रोश
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस सरकारी स्वास्थ्य ढांचे की पोल है, जो विज्ञापनों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करता है। सवाल यह भी है कि अगर समय पर इलाज और एंबुलेंस मिल जाती, तो क्या मरीज की पीड़ा इतनी बढ़ती? घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। क्योंकि अगली बार अस्पताल के बरामदे में गिड़गिड़ाता कोई और नहीं, हमारा-आपका अपना भी हो सकता है। जिले में 108 सेवा के हाल बेहाल हैं। आधे से ज्यादा वहां खटारा हो गए हैं बचे हुए वाहन आॅफ रोड हैं। जरूरत पड़ने पर ये कभी समय पर उपलब्ध नहीं होते हैं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2-3 अक्टूबर को भोपाल दौरे पर रहेंगे। वे भेल मैदान में गोपालक सम्मेलन, नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी और IISER परिसर का शिलान्यास करेंगे।
मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने भोपाल में कोर कमेटी और पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नेताओं के स्वागत में जेसीबी से फूल बरसाने पर रोक लगाने और 3 महीने के भीतर गुटबाजी खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश में शिक्षकों का आंदोलन हुआ उग्र। टीईटी अनिवार्यता, ई-अटेंडेंस और वरिष्ठता जैसी 3 सूत्रीय मांगों को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में प्रदर्शन। 2 अक्टूबर को प्रदेशभर में होगा उपवास और सत्याग्रह।
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद पर जमीयत उलमा मप्र के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने कोर्ट में तथ्य छिपाने, सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन फीट जमीन के वैकल्पिक उपायों और गिरफ्तारियों पर तीखे सवाल उठाए हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास कार्यों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 और 'सेवा संकल्प अभियान' की जानकारी दी।
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पेयजल मामले में आयोग की रिपोर्ट सामने आ गई है। लापरवाही और देरी के कारण 36 से अधिक लोगों की मौत के लिए 8 अधिकारियों को दोषी ठहराया गया है, जबकि जनप्रतिनिधियों को क्लीन चिट मिल गई है।
मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त निर्देश दिए हैं। स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी, हॉट स्पॉट की पहचान और हेल्पलाइन नंबर जैसी अहम जानकारियों के साथ पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जगला गांव का दौरा किया। उन्होंने कुपोषण और मलेरिया से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह आज बालाघाट के बैहर विकासखंड के जागला गांव में कुपोषण, मलेरिया और खसरा से प्रभावित बैगा आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र का गुरुवार को उत्साहपूर्ण आगाज हुआ। पर्यटन सत्र के पहले दिन ताला, मगधी और खितौली गेट को आकर्षक ढंग से सजाया गया। पार्क प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों ने पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।